विधान परिषद में एक भी सीट नहीं मिलने से कांग्रेस में रार, प्रदेश अध्यक्ष डॉ अखिलेश सिंह दिल्ली रवाना

पटना- बिहार में विधान परिषद चुनाव को राजद ने नामों की घो,मा की तो इसमें कांग्रेस से कोई नहीं था. इसको लेकर कांग्रेस  के अंदर नाराजगी है. 17 विधायकों वाले कांग्रेस को राजद और वाम दलों ने मिलकर विधान परिषद चुनाव में उसे अलग थलग कर दिया है. वहीं बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह को दिल्ली बुलाया गया है. डॉ अखिलेश सिंह पटना से दिल्ली रवाना हो गए हैं.

11 सीटों के लिए विधान परिषद का चुनाव कराया जा रहा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रेमचंद मिश्रा का कार्यकाल मई के पहले सप्ताह में समाप्त हो रहा है. लेकिन महागठबंधन के पांच उम्मीदवारों में से कांग्रेस के हाथ एक भी सीट नहीं लगने की वजह से पार्टी के अंदर आक्रोश है. वहीं डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह को दिल्ली बुलाया गया है जहां  कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता शकील अहमद खान पहले से ही उपस्थित  हैं.राज्यसभा की तीन सीटे महागठबंधन के कोटे में आयी थी, जिसमें से एक सीट कांग्रेस के खाते में चली गयी. इस सीट की कुर्बानी विधान परिषद में कांग्रेस के देनी पड़ी. 

कांग्रेस की विधानसभा में  19 सीटें थी उनके दो विधायकों मुरारी प्रसाद गौतम और सिद्धार्थ सौरव ने पाला बदल लिया. एसे में अब कांग्रेस के 17 विधायक हैं.  कांग्रेस ने दल बदल कानून के तहत मुरारी प्रसाद गौतम और सिद्धार्थ सौरव की विधानसबा सदस्ता खत्म करने का आग्रह विधानसभा अध्यक्ष से किया है. विधान परिषद में कांग्रेस के चार सदस्य हैं. इनमें से प्रेमचंद मिश्रा का कार्यकाल छह मई को पूरा हो रहा है. राज्यसभा के चुनाव के समय वाम दलों ने कांग्रेस का समर्थन किया था जिसके एवज में अब विधान परिषद की सीट उन्हें नहीं दी गई है.