..जब मंच पर ही ‘मंत्री जी’ के पैकेट में हाथ डालने लगे नव आगंतुक नेता ! लिफाफे में क्या था जिसे देने की बेताबी थी...मिशन इन्वैलप हुआ कामयाब ?

PATNA: चुनावी मौसम में हर तरह की तस्वीर देखने को मिल जाती है. आज की एक तस्वीर देख कर हंसी रूकने का नाम नहीं ले रहा. दरअसल, यह तस्वीर एक मिलन समारोह की है. यह समारोह पार्टी मुख्यालय में रखी गई थी. कई दलों से जुड़े अति छोटे-छोटे-अति मंझले कद के नेता बड़े दल में शामिल हो रहे थे. एक तथाकथित शिक्षाविद् भी उस दल में शामिल हुए. यहां तक तो सब कुछ ठीक ही था. अचानक उस नव आगंतुक नेता ने मंच पर एक अनोखी हरकत की जो कैमरे के माध्यम से लाईव प्रसारित हो गई। तस्वीर सामने आने के बाद हंसी रूकने का नाम नहीं ले रहा. आखिर नव आगंतुक नेता मिलन सामोरह के मंच पर कर क्या रहे थे....

दर्जनों नेता बड़े दल में हुए शामिल  

लोकसभा का चुनाव चल रहा है. चार फेज का मतदान समाप्त हो गया है. पांचवे चरण को लेकर तैयारी जारी है. अपनी पकड़ को और मजबूत करने में सभी पार्टियां जुटी हैं. सामाजिक कार्यकर्ता,शिक्षाविद् व दूसरे दल के नेताओं को दल में शामिल कराने का काम जारी है. गुरूवार को भी एक बड़े दल के दफ्तर में मिलन समारोह आयोजित की गई. इसमें दर्जनों नेता सबसे अलग बताने वाली पार्टी में शामिल हुए। एक तथाकथित शिक्षाविद्द भी पार्टी में शामिल हुए. बड़े नेताओं ने उन्हें दल में शामिल कराया.

मंत्री के कुर्ता में लिफाफा डालने का मिशन पूरा

बड़े दल में शामिल होने से (शिक्षाविद्द) गदगद हो गए। वो घऱ से ही पूरी तैयारी से आये थे. लगे हाथ उन्होंने वरिष्ठ नेताओं को सम्मानित करने का काम शुरू किया. पहले चरण अपने वरिष्ठ नेता को मोमेंटो देकर सम्मानित करने का काम पूरा किया. इसके बाद पीछे की तरफ मुड़ते हुए थैला से कई लिफाफा निकाला. हाथ में लिफाफा लिए वो सामने खड़े मंत्री जी की तरफ तेजी से बढ़े. उनके शरीर में सटते हुए एक लिफाफा मंत्री जी के कुर्ते के निचले पैकेट में जबरन डालने लगे. मंत्री जी देखा...फिर क्या था, उन्होंने इशारा किया कि ऐसा नहीं करें. शायद यह कह रहे थे कि सार्वजनिक जगहों पर ऐसा नहीं किया जाता. लेकिन वो शख्स कहां मानने वाला था. वो जिद पर अडा रहा. इसके बाद मंत्री जी ने हाथ से रोकने की कोशिश की. लिफाफा को वापस थैला में रखने को कह रहे थे. लेकिन वो इसके लिए तैयार नहीं था. वो किसी भी कीमत पर लिफाफा कुर्ता की जेब में डालने पर तुला था. यह दृश्य देख बगल में खड़े दल के बड़े नेता जिनके हाथों सभी लोग(नेता) दल में शामिल हुए थे, उन्होंने भी रोका. आंखों के इशारे से ऐसा करने से मना किया. फिर हाथ से भी रोका. लेकिन तथाकथित शिक्षाविद्द नहीं माने. उन्होंने लिफाफे को मंत्री जी के कुर्ते के निचले पैकेट में डाल कर ही माना. इस तरह से सार्वजनिक मंच पर मंत्री के कुर्ता में लिफाफा डालने का मिशन पूरा हुआ। चूंकि प्रोग्राम पार्टी के सोशल मीडिया के माध्यम से लाईव चल रहा था. लिहाजा कई लोगों की नजर पड़ गई। लिफाफे को मंत्री जी के पॉकेट के अंदर डालने के बाद चर्चा शुरू हुई कि आखिर उसमें क्या था....दल में शामिल होने का लिफाफे-मंत्री के पैकेट से क्या ताल्लुक ? काफी तहकीकात के बाद पता चला...लिफाफे में उजला धातु था. वैसे बता दें, मंत्री जी पूर्व में पार्टी की प्रदेश इकाई के कप्तान भी रह चुके हैं. 

वर्तमान में राज्य सरकार में मंत्री के साथ-साथ पड़ोसी राज्य में पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी उठा रहे हैं.