Bihar Politics:जिला से पंचायत तक राजद का पुराना संगठन खत्म, 31 अगस्त से 26 सितंबर तक मैराथन बैठकें

Bihar Politics:तेजस्वी यादव संगठन पुनर्गठन की पूरी प्रक्रिया को लेकर व्यापक रणनीति पर काम करेंगे। इसके लिए 31 अगस्त से 26 सितंबर तक लगातार मैराथन बैठकों का दौर चलने की बात कही गई है।

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राजद का नया संगठन- फोटो : reporter

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल  ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। पार्टी ने बिहार की सभी सांगठनिक कमेटियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इसमें जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक की सभी इकाइयां शामिल हैं। इस फैसले के बाद अब पार्टी का काम पुराने संगठनात्मक ढांचे के आधार पर नहीं चलेगा और नए सिरे से संगठन खड़ा करने की कवायद शुरू होगी।राजद के इस फैसले को आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी अब बिहार में अपने संगठन को जमीनी स्तर से दोबारा तैयार करने की तैयारी में है। नए संगठन में पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को भी अहम जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। यानी पार्टी की कोशिश संगठन में नए जोश और पुराने अनुभव का संतुलन बनाने की है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी यादव संगठन पुनर्गठन की पूरी प्रक्रिया को लेकर व्यापक रणनीति पर काम करेंगे। इसके लिए 31 अगस्त से 26 सितंबर तक लगातार मैराथन बैठकों का दौर चलने की बात कही गई है। इन बैठकों के जरिए बिहार के अलग-अलग इलाकों में संगठन की वास्तविक स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और बूथ स्तर की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।

बताया जा रहा है कि संगठन पुनर्गठन की शुरुआत पश्चिम चंपारण से होगी। इसके बाद प्रदेश के दूसरे जिलों में बैठकें आयोजित की जाएंगी। लक्ष्य सिर्फ जिला या प्रखंड स्तर पर कमेटियां बनाना नहीं, बल्कि संगठन को पंचायत और बूथ स्तर तक मजबूत करना है।

राजद की नई रणनीति में पंचायत स्तर से लेकर बूथ कमेटी तक गठन पर विशेष जोर रहेगा। पार्टी का मकसद चुनावी राजनीति में अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय करना है। संगठन की नई संरचना तैयार होने के बाद स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियों का भी नए सिरे से बंटवारा किया जाएगा।पार्टी के इस फैसले से उन नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच भी हलचल बढ़ गई है, जो लंबे समय से संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नई कमेटियों में किन पुराने चेहरों को दोबारा जगह मिलती है और किन नए नेताओं को संगठन में आगे बढ़ाया जाता है।

तेजस्वी यादव के नेतृत्व में होने वाली मैराथन बैठकों को राजद के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि संगठन को सिर्फ कागजी ढांचे तक सीमित रखने के बजाय गांव, पंचायत और बूथ तक सक्रिय नेटवर्क के रूप में तैयार किया जाए।बिहार की सियासत में राजद का यह कदम ऐसे समय आया है जब राजनीतिक दल अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में सभी सांगठनिक कमेटियों को एक साथ भंग करना महज प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि पार्टी की आगामी रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।अब सबकी निगाहें 31 अगस्त से शुरू होने वाली बैठकों पर टिकी हैं। इन बैठकों के बाद यह साफ होगा कि तेजस्वी यादव की नई रणनीति में किन नेताओं को जिम्मेदारी मिलती है और राजद किस तरह पंचायत से बूथ तक अपना नया संगठन तैयार करता है।

रिपोर्ट- रंजन कुमार सिंह