IND vs PAK: श्री चरणी और प्रेमा रावत की घातक गेंदबाजी, पाकिस्तान का सबसे शर्मनाक टी20 स्कोर

महिला एशिया कप 2026 में भारतीय गेंदबाजों का जबरदस्त प्रदर्शन, एशिया कप में भारत के खिलाफ पाकिस्तान 55 रन पर ऑलआउट। श्री चरणी और प्रेमा रावत ने लिए 3-3 विकेट। भारत को जीत के लिए मिला 56 रन का लक्ष्य।

पाकिस्तान 55 रन पर ढेर, भारत को मिला 56 रन का लक्ष्य- फोटो : Reporter

महिला एशिया कप के तहत दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में 2026 के 9वें मुकाबले में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने हैं। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पस्त हो गई और 18.1 ओवर में महज 55 रन बनाकर सिमट गई। भारत की ओर से धारदार गेंदबाजी करते हुए श्री चरणी और प्रेमा रावत ने सबसे ज्यादा 3-3 विकेट अपने नाम किए। यह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में पाकिस्तान महिला टीम का अब तक का सबसे कम स्कोर है, जिससे टीम के नाम एक शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।


27 रन पर पहला झटका और ताश के पत्तों की तरह ढही पाकिस्तानी टीम

पाकिस्तान की शुरुआत ठीक-ठाक रही, जब मुनीबा अली और शवाल जुल्फिकार ने पहले विकेट के लिए 27 गेंदों में 27 रनों की साझेदारी की। लेकिन 27 के स्कोर पर मुनीबा अली (13 रन) के आउट होते ही पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। इसके बाद लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहे और 28 से 35 रन के भीतर टीम ने अपने 5 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। पूरी पारी के दौरान 9 बल्लेबाज तो दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू सकीं।

शवाल जुल्फिकार की सर्वाधिक 14 रनों की पारी, 4 बल्लेबाज शून्य पर आउट

पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी पारी शवाल जुल्फिकार ने खेली, जिन्होंने 3 चौकों की मदद से 14 रन बनाए। उनके अलावा मुनीबा (13), तुबा हसन (9), उम्मे हानी (6) और इमयान फातिमा (5) ही थोड़ा संघर्ष कर सकीं। टीम की चार प्रमुख बल्लेबाज—कप्तान फातिमा सना, नशरा संधू, सादिया इकबाल और गुल फिरोजा बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गईं। पूरी पारी में दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी 7वें विकेट के लिए महज 10 रनों की रही।

जीत के लिए भारत के सामने 56 रनों की आसान चुनौती

ग्रुप चरण के अपने शुरुआती दोनों मैच जीत चुकी भारतीय टीम को इस मुकाबले पर कब्जा जमाने और जीत की हैट्रिक लगाने के लिए 20 ओवरों में सिर्फ 56 रनों की जरूरत है। पाकिस्तानी टीम के बेहद साधारण प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय बल्लेबाजी क्रम के लिए यह लक्ष्य हासिल करना कोई बड़ी चुनौती नहीं माना जा रहा है और टीम इंडिया आसान जीत की ओर अग्रसर है।