'आईएएस दामाद' के नाम पर 45 लाख की चपत: दुल्हन के साथ बड़ा खेल, गोवा ले जाकर बेचने की थी तैयारी

गोरखपुर में एक परिवार को 'आईएएस दामाद' का सपना महंगा पड़ा। धोखेबाज युवक ने फर्जी पहचान बताकर न केवल 45 लाख रुपये ठगे, बल्कि दुल्हन को बेचने की साजिश भी रची।

N4N Desk - उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक परिवार के साथ वैवाहिक जालसाजी का खौफनाक मामला सामने आया है। मोहद्दीपुर निवासी एक पीड़ित पिता अपनी बेटी के लिए रिश्ता ढूंढ रहे थे, तभी उन्हें 'निषाद विवाह ग्रुप' के माध्यम से इटावा के रहने वाले प्रीतम कुमार निषाद का बायोडाटा मिला। प्रीतम ने खुद को आईएएस अधिकारी बताया और मानिकपुर में अपनी तैनाती का दावा किया। विश्वास जीतने के लिए उसने फर्जी इंटरव्यू, ऑफिस की तस्वीरें और राजनेताओं के साथ खिंचवाई गई फोटो भी परिवार को भेजीं।

दहेज मुक्त शादी का झांसा और 45 लाख की लूट 

शातिर जालसाज प्रीतम ने पहले तो बिना दहेज के शादी करने का ढोंग रचा, लेकिन सगाई से ठीक तीन दिन पहले उसने खर्च के नाम पर 15 लाख रुपये की मांग रख दी। बेटी की खुशी के लिए परिवार ने सगाई के वक्त 10 लाख और तिलक में 5 लाख रुपये नकद दिए। 11 मार्च 2026 को नंदानगर के एक मैरिज लॉन में धूमधाम से शादी संपन्न हुई, जिसमें आयोजन पर करीब 30 लाख रुपये खर्च किए गए। इस तरह परिवार ने कुल 45 लाख रुपये लुटा दिए, यह सोचकर कि उनकी बेटी एक बड़े अफसर के घर जा रही है।

विदाई के बाद खुला राज, एक कमरे में मिली दुल्हन 

शादी के अगले ही दिन विदाई के बाद एक बाराती के जरिए परिवार को भनक लगी कि दूल्हा आईएएस नहीं है। आनन-फानन में जब परिजन युवक के बताए पते पर इटावा पहुँचे, तो वहां के हालात देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनकी बेटी वहां एक बेहद छोटे और जर्जर कमरे में मिली। परिजनों को देखते ही फर्जी आईएएस प्रीतम और उसकी बहन मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि यह शातिर अपराधी पहले भी दो बार इसी तरह फर्जी पहचान बताकर शादियां कर चुका है।

दुल्हन को गोवा ले जाकर बेचने की थी साजिश 

घर वापस लौटने के बाद पीड़िता ने जो आपबीती सुनाई, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। युवती ने बताया कि आरोपी उसे घर ले जाने के बजाय गोवा ले जाने की बात कर रहा था। रास्ते में उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उसे वहां ले जाकर बेचने की योजना बनाई जा रही थी। पीड़ित पिता का आरोप है कि प्रीतम न केवल एक जालसाज है, बल्कि वह बड़े पैमाने पर लड़कियों की तस्करी (Trafficking) के सिंडिकेट में भी शामिल हो सकता है।

पुलिस ने दर्ज किया केस, तलाश जारी 

बेटी को सुरक्षित वापस लाने के बाद पिता ने गोरखपुर के कैंट थाने में आरोपी प्रीतम कुमार निषाद, उसकी बहन और अन्य सहयोगियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों और सोशल मीडिया का सहारा लेकर इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस की टीमें फरार भाई-बहन की तलाश में इटावा और संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।