प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं की बल्ले-बल्ले:रिचार्ज के 2 घंटे में बिजली नहीं आई, तो कंपनी देगी 50 रूपये रोज हर्जाना

स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के साथ ही उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की जा रही है.रिचार्ज करने के बावजूद दो घंटे के भीतर बिजली सप्लाई बहाल नहीं होती, तो बिजली कंपनियों को उपभोक्ताओं को मुआवजा देना पड़ सकता है.

प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं की बल्ले-बल्ले- फोटो : news 4 nation AI

पावर कॉर्पोरेशन के नए प्रस्ताव के अनुसार, यदि स्मार्ट प्रीपेड मीटर का बैलेंस खत्म होने पर बिजली कट जाती है और उपभोक्ता द्वारा रिचार्ज करने के 2 घंटे के भीतर सप्लाई बहाल नहीं होती, तो बिजली कंपनी को मुआवजा देना होगा। यह मुआवजा 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से उपभोक्ता के खाते में जमा किया जाएगा। यह कदम उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाया गया है।

स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस (SoP) के सख्त नियम

उत्तर प्रदेश में  'स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस रेगुलेशन-2019' के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि भुगतान या रिचार्ज सफल होने के अधिकतम दो घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति शुरू करना बिजली कंपनियों की जिम्मेदारी है। स्मार्ट प्रीपेड सिस्टम में यह प्रक्रिया स्वचालित (Automatic) होनी चाहिए। यदि तकनीकी खामी के कारण इसमें देरी होती है, तो यह सेवा में कोताही मानी जाएगी और उपभोक्ता मुआवजे का हकदार होगा।

70 लाख उपभोक्ताओं पर लागू होगी व्यवस्था

वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 70 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ता हैं, जिनके लिए विभाग ने 1400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए तकनीकी गड़बड़ियों की संभावना बनी रहती है। नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जहाँ सिस्टम फेल होने से लाखों लोगों की बत्ती गुल हो गई थी। नई नियमावली ऐसी स्थितियों में जनता को सुरक्षा प्रदान करेगी।

13 नए क्षेत्रों में विस्तार की तैयारी

राज्य सरकार स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए इसे 13 नए क्षेत्रों में लागू करने की योजना बना रही है। इसका मुख्य उद्देश्य बिजली बिलिंग की विसंगतियों को दूर करना और बकाया वसूली की प्रक्रिया को सरल बनाना है। हालांकि, उपभोक्ता संगठनों का तर्क है कि तकनीक के विस्तार के साथ-साथ उपभोक्ता की सुविधाओं और शिकायतों के निपटारे की व्यवस्था भी उतनी ही आधुनिक होनी चाहिए।

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे बैलेंस पूरी तरह खत्म होने का इंतजार न करें और समय से पहले रिचार्ज कर लें। इससे अचानक बिजली कटने की परेशानी से बचा जा सकता है। परिषद ने विद्युत आयोग से यह भी मांग की है कि बिजली कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं ताकि आम आदमी को अपने हक का मुआवजा पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।