सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी शर्मसार:मानसिक वार्ड में भर्ती असहाय महिला से दरिंदगी,5 माह की गर्भवती मिलने पर हड़कंप

इटावा के सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS) से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल के सुरक्षा घेरे में एक असहाय महिला के साथ हुई इस दरिंदगी ने पूरे प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है

उत्तर प्रदेश के इटावा के सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS) से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है।सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के मानसिक रोग विभाग में पिछले सवा साल से भर्ती एक 40 वर्षीय लावारिस महिला के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है। महिला अपनी मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण अपनी पहचान बताने में भी असमर्थ है, जिसके चलते उसकी देखभाल की पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन पर थी। रूटीन चेकअप के दौरान जब डॉक्टरों को संदेह हुआ, तो जांच में पता चला कि महिला लगभग पांच महीने की गर्भवती है। इस खुलासे के बाद अस्पताल कैंपस में हड़कंप मच गया है।

सुरक्षा में बड़ी चूक: अस्पताल का सफाईकर्मी शक के घेरे में

प्रारंभिक जांच और विभाग के भीतर की सुगबुगाहट के बाद एक सफाई कर्मचारी पर इस घिनौनी करतूत का शक जताया जा रहा है। मानसिक रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. ए.के. मिश्रा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सैफई थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है और अस्पताल के स्टाफ से पूछताछ शुरू कर दी है। यह घटना दर्शाती है कि वार्ड के भीतर सुरक्षा और निगरानी के दावों में कितनी बड़ी सेंध लगी है।

प्रशासनिक लापरवाही: सवा साल से भर्ती महिला के साथ खिलवाड़

यह मामला न केवल एक अपराध है, बल्कि अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही का प्रमाण भी है। एक मरीज जो पूरी तरह प्रशासन के भरोसे थी, उसके साथ महीनों तक यौन शोषण होता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी। वार्ड में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की जवाबदेही पर अब सवाल उठ रहे हैं। लंबे समय तक भर्ती रहने के बावजूद ऐसी घटना होना यह बताता है कि महिला मरीजों के वार्ड में बाहरी या अनाधिकृत व्यक्तियों की पहुंच कितनी आसान थी।

पुलिसिया कार्रवाई: सीसीटीवी फुटेज और स्टाफ की जांच शुरू

सैफई पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन अब संयुक्त रूप से इस मामले की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। वार्ड के आसपास के पिछले छह महीनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपी की पहचान पुख्ता की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक बेहद गंभीर मामला है और डीएनए टेस्ट व अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषी चाहे जो भी हो, उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।