लक्ष्मण निषाद हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिले मुकेश सहनी, बोले- हर दोषी को सजा दिलाएंगे

वीआईपी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी रविवार को उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद पहुंचे, जहां उन्होंने 22 जून को बेरहमी से मौत के घाट उतारे गए लक्ष्मण निषाद के शोकाकुल परिजनों से मिल उन्होंने न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया....

लक्ष्मण निषाद हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिले मुकेश सहनी- फोटो : देवांशु प्रभात

Lucknow/Basti :  बिहार के पूर्व मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक मुकेश सहनी रविवार को उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद पहुंचे। वे लालगंज थाना क्षेत्र के मेहनौना गांव जाकर गत 22 जून को बेरहमी से मौत के घाट उतारे गए लक्ष्मण निषाद के शोकाकुल परिजनों से मिले। मुकेश सहनी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि दुःख की इस घड़ी में पूरी वीआईपी पार्टी और निषाद समाज उनके साथ मुस्तैदी से खड़ा है। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को इंसाफ नहीं मिल जाता, तब तक उनका संघर्ष थमने वाला नहीं है।


पुलिस अधिकारियों से बोले- निर्दोष फंसे नहीं, लेकिन कोई गुनहगार बचे नहीं

गांव में मौजूद पुलिस अधिकारियों से तीखे लहजे में बातचीत करते हुए मुकेश सहनी ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भले ही पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन घटना के तरीके से साफ है कि इस जघन्य हत्याकांड में कई और लोग शामिल थे। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, लेकिन घटना की साजिश रचने वाले और वारदात को अंजाम देने वाले हर एक गुनहगार को ढूंढकर सलाखों के पीछे भेजा जाए।


प्रशासनिक लापरवाही पर उठाए सवाल, पुरानी रंजिश का दिया हवाला

मुकेश सहनी ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पीड़ित परिवार पहले भी हिंसक हमलों का शिकार हो चुका है। उन्होंने बताया कि लगभग 10 से 15 वर्ष पूर्व इसी परिवार के मुखिया की भी हत्या कर दी गई थी और कुछ दिन पहले भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। वीआईपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने प्रभावी कदम उठाए होते और रंजिश को गंभीरता से लिया होता, तो आज लक्ष्मण निषाद की जान नहीं जाती।


केस की पैरवी के लिए पार्टी देगी वकील, साक्ष्यों को मजबूत करने की मांग

अदालती कार्रवाई में परिवार की मदद के लिए मुकेश सहनी ने एक बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने के लिए वीआईपी पार्टी की ओर से एक अनुभवी और बड़े वकील (अधिवक्ता) की व्यवस्था की जाएगी, जो इस पूरे मामले की अदालत में प्रभावी पैरवी करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आग्रह किया कि घटनास्थल और चश्मदीदों के साक्ष्यों को इतनी मजबूती से संकलित किया जाए कि कोई भी आरोपी कानूनी दांव-पेंच का फायदा उठाकर अदालत से बच न सके।


ग्रामीणों से शांति की अपील, मुकदमे की निगरानी के लिए बनेगी 10 सदस्यीय समिति

मुकेश सहनी ने ग्रामीणों से कानून को हाथ में न लेने और शांति व संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब लोगों को समय पर न्याय नहीं मिलता, तभी समाज में आक्रोश और असंतोष पनपता है। भविष्य में ऐसी वारदातों को रोकने के लिए अपराधियों में कानून का खौफ होना जरूरी है। उन्होंने गांव के प्रबुद्ध लोगों को मुकदमे की प्रगति और पुलिसिया जांच पर लगातार नजर रखने के लिए एक 10 सदस्यीय स्थानीय निगरानी समिति बनाने का सुझाव दिया, जो कानूनी लड़ाई में परिवार का संबल बनेगी।

देवांशु प्रभात की रिपोर्ट