वंदे भारत की 'रफ्तार' पर ब्रेक - क्रासिंग पर दो युवकों की सनक ने खतरे में डाली सैकड़ों जानें

बंद क्रॉसिंग को पार करने की कोशिश में युवक अपनी बाइक पटरी पर ही छोड़कर भाग गए, जो तेज रफ्तार ट्रेन के इंजन में फंसकर दो किलोमीटर तक घिसटती रही। इस सनसनीखेज वाकये ने न केवल रेल यात्रियों की जान जोखिम में डाली

N4N Desk - रेलवे नियमों की गंभीर अनदेखी और चंद मिनटों की जल्दबाजी ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया। मऊ से अंबाला कैंट की ओर जा रही होली स्पेशल ट्रेन जब हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंची, तो ट्रैक पार करने की कोशिश कर रहे दो युवक ट्रेन को आता देख अपनी बाइक वहीं छोड़कर भाग निकले। ट्रेन की रफ्तार तेज होने के कारण बाइक इंजन के निचले हिस्से में फंस गई और करीब दो किलोमीटर तक घिसटती चली गई। लोको पायलट की सूझबूझ से समय रहते ट्रेन को रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया।

इंजन में फंसी बाइक और ट्रेनों का परिचालन बाधित

इंजन में फंसी क्षतिग्रस्त बाइक को निकालने के लिए ट्रेन को बहगुल नदी के पुल पर रोका गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे की इंजीनियरिंग टीम और बिलपुर चौकी इंचार्ज तत्काल मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद बाइक को बाहर निकाला गया। इस आकस्मिक अवरोध के कारण रेलवे का यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और पीछे से आ रही देश की प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस को कटरा रेलवे स्टेशन पर करीब 30 मिनट तक खड़ा रखना पड़ा। इंजन की पूरी जांच करने के बाद ही होली स्पेशल ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।

लापरवाह युवकों पर कानूनी शिकंजा

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आरपीएफ चौकी प्रभारी नरवीर सिंह यादव ने बताया कि ट्रैक से बरामद बाइक खुदागंज क्षेत्र के चरखौला गांव निवासी राहुल सिंह के नाम पर पंजीकृत है। बाइक मालिक और मौके से फरार हुए युवकों की पहचान पुख्ता की जा रही है। रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और यात्रियों की जान जोखिम में डालने के अपराध में आरोपियों के विरुद्ध रेलवे अधिनियम की कड़ी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

सुरक्षा नियमों के प्रति बरती गई लापरवाही

यह घटना इस बात का प्रमाण है कि बंद रेलवे क्रॉसिंग को नीचे से पार करना कितना जानलेवा साबित हो सकता है। तेज गति से आ रही ट्रेनों के सामने इस तरह का जोखिम उठाना न केवल व्यक्तिगत जीवन के लिए खतरा है, बल्कि यह सार्वजनिक संपत्ति और सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर आम जनता से अपील की है कि वे रेलवे फाटकों पर लगे नियमों का पालन करें और बंद क्रॉसिंग को पार करने का दुस्साहस न करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।