UP Hapur woman: UP की महिला ने महज 41 साल की उम्र में दिया 14वें बच्चे को जन्म! मामला जान डॉक्टर भी हैरान, सबसे बड़े बच्चे की उम्र जानकार जाएंगे चौंक

यूपी के हापुड़ जिले में 41 वर्षीय महिला ने 108 एंबुलेंस में 14वें बच्चे को जन्म दिया। स्वास्थ्य विभाग ने जच्चा-बच्चा को स्वस्थ घोषित किया।

UP Hapur woman: UP की महिला ने महज 41 साल की उम्र में दिया 14वें बच्चे को जन्म! मामला जान डॉक्टर भी हैरान, सबसे बड़े बच्चे की उम्र जानकार जाएंगे चौंक
UP Hapur woman - फोटो : social media

UP Hapur  woman gave birth: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में 108 नंबर एंबुलेंस में एक 41 वर्षीय महिला ने अपने 14वें बच्चे को जन्म दिया। एंबुलेंस के ईएमटी कर्मवीर और पायलट हेमश्वेर ने प्रसव किट की मदद से सुरक्षित डिलीवरी कराई। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

कैसे हुआ एंबुलेंस में प्रसव?

मोहल्ला बजरंगपुरी निवासी इमामुद्दीन, जो मजदूरी करता है, अपनी गर्भवती पत्नी गुड़िया को लेकर अस्पताल पहुंचा था।चिकित्सकों ने हालत गंभीर बताकर मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।एंबुलेंस में रास्ते में ही महिला को प्रसव पीड़ा हुई।ईएमटी कर्मवीर और पायलट हेमश्वेर ने एंबुलेंस में ही प्रसव कराया।बच्ची के जन्म के बाद, दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।डॉक्टरों ने मां और नवजात को स्वस्थ घोषित कर घर भेज दिया।

परिवार की स्थिति

इमामुद्दीन और गुड़िया के अब 11 बच्चे हैं। उनके छह बेटे और चार बेटियां जीवित हैं।तीन बच्चों की पहले ही मौत हो चुकी है।एक बेटे को उन्होंने अपने संतानहीन भाई को गोद दे दिया।सबसे बड़ा बेटा 20 साल का है, जो घर की आर्थिक मदद करता है।

पति की शराब की लत बनी परेशानी

गुड़िया के अनुसार, उसका पति शराब पीने का आदी है, जिससे परिवार में अक्सर झगड़े होते हैं।बेटों ने और संतान पैदा करने का विरोध किया, लेकिन इमामुद्दीन नहीं माना।शराब की लत के कारण कई बार पारिवारिक कलह हुई।

समय पर प्रसव कराने से बची जान

एंबुलेंस प्रभारी सौरभ शर्मा ने बताया कि समय रहते प्रसव नहीं होता तो जच्चा-बच्चा की जान को खतरा हो सकता था। इसीलिए, एंबुलेंस में ही प्रसव कराना पड़ा।

 सरकारी स्वास्थ्य विभाग 

हापुड़ जिले में एंबुलेंस में हुए इस अनोखे प्रसव ने एक ओर चिकित्सा सेवा की तत्परता को दिखाया, वहीं दूसरी ओर परिवार नियोजन और जागरूकता की कमी को उजागर किया। सरकारी स्वास्थ्य विभाग को ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष योजनाएं बनानी चाहिए।

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