कलयुगी माता की खूनी साजिश:जायदाद के लालच में मां बनी 'सुपारी किलर', इकलौते बेटे को उतारा मौत के घाट

देहरादून का अर्जुन मर्डर केस वास्तव में किसी डार्क क्राइम थ्रिलर फिल्म की तरह लग रहा है, लेकिन दुखद बात यह है कि यह हकीकत है। एक माँ का अपने ही बेटे के खिलाफ सुपारी किलर का सहारा लेना रिश्तों के पूरी तरह टूटने और लालच की पराकाष्ठा को दर्शाता है।

कलयुगी माता की खूनी साजिश:जायदाद के लालच में मां बनी 'सुपारी किलर', इकलौते बेटे को उतारा मौत के घाट- फोटो : news 4 nation

 उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि शहीद कर्नल के बेटे अर्जुन की हत्या की मास्टरमाइंड उसकी अपनी मां, बीना शर्मा ही थी। बीना ने अपने करीबी सहयोगी विनोद उनियाल और प्रॉपर्टी कारोबारी अजय खन्ना के साथ मिलकर करीब 25 दिन पहले हत्या की पूरी स्क्रिप्ट तैयार की थी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए पंकज राणा नामक व्यक्ति को 12 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी, जिसने अपने आपराधिक इतिहास वाले भाई राजीव के साथ मिलकर अर्जुन की रेकी की और उसकी जान ले ली।

रिश्तों में कड़वाहट: 15 साल पुराना विवाद

मां और बेटे के बीच रिश्तों में दरार कोई नई बात नहीं थी; यह विवाद पिछले 15 वर्षों से सुलग रहा था। विवाद की शुरुआत तब हुई जब अर्जुन ने परिवार की गैस एजेंसी का काम संभाला और अपनी मां द्वारा बाहरी लोगों को पैसे दिए जाने का विरोध करना शुरू किया। बीना शर्मा परिवार से अलग होकर अपनी मर्जी से आर्थिक फैसले ले रही थीं, जिससे दोनों के बीच मतभेद गहराते गए। समय बीतने के साथ यह व्यापारिक असहमति एक गंभीर संपत्ति विवाद और फिर खूनी रंजिश में तब्दील हो गई।

करोड़ों का लेनदेन: 14 करोड़ की डील और बैंक लोन

इस मर्डर केस के केंद्र में भारी-भरकम वित्तीय लेनदेन शामिल है। शहीद कर्नल रमेश चंद शर्मा के नाम पर मिली गैस एजेंसी पर करीब 8 करोड़ रुपये का बैंक लोन था। इसी बीच, बीना ने जीएमएस रोड स्थित अपनी पैतृक संपत्ति को डॉक्टर अजय खन्ना को 14 करोड़ रुपये में बेच दिया। इस रकम में से 4 करोड़ का लोन चुकाया गया, लेकिन शेष 8 करोड़ रुपये बीना ने तुरंत विनोद उनियाल के खाते में ट्रांसफर कर दिए। अर्जुन इस गोपनीय लेनदेन और संपत्ति की बिक्री से बेहद नाराज था।

कानूनी लड़ाई और खूनी अंजाम

अर्जुन ने इस 14 करोड़ की प्रॉपर्टी डील के खिलाफ अदालत से स्टे (Stay) ले लिया था और संपत्ति में अपना आधा हिस्सा मांग रहा था। अदालत के इस हस्तक्षेप के कारण प्रॉपर्टी डीलर अजय खन्ना पर पैसे लौटाने का दबाव बढ़ गया, जिसके चलते तीनों आरोपियों ने अर्जुन को रास्ते से हटाने का फैसला किया। वारदात वाले दिन तिब्बती मार्केट के पास अर्जुन को गोली मार दी गई। पुलिस को बीना के बैंक खातों से करोड़ों के संदिग्ध ट्रांसफर के सबूत मिले हैं, जो इस साजिश की पुष्टि करते हैं।