Governor Appointment: 9 राज्यों में बदले राज्यपाल और उपराज्यपाल, दिल्ली के एलजी बने तरनजीत सिंह संधू, जानें बाकी स्टेट का हाल

Governor Appointment: भारत में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल और उपराज्यपाल बदले। जानिए किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी और नए नियुक्त अधिकारियों का पूरा परिचय।

 Governor Appointment
नियुक्ति- फोटो : social media

Governor Appointment:  देश में एक साथ कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल और उपराज्यपाल बदले गए हैं। दिल्ली से लेकर पश्चिम बंगाल तक कुल 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए राज्यपाल और उपराज्यपाल की नियुक्ति की गई है। यह बदलाव गुरुवार 5 मार्च को किए गए। इससे पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस और लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे भारत के राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया।

इन बदलावों के तहत शिव प्रताप शुक्ला, जो पहले हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल थे, उन्हें अब तेलंगाना का नया राज्यपाल बनाया गया है। वहीं जिष्णु देव वर्मा, जो तेलंगाना के राज्यपाल थे, उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। नंद किशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल बनाया गया है। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।इसके अलावा आर.एन. रवि, जो पहले तमिलनाडु के राज्यपाल थे, उन्हें अब पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, जो केरल के राज्यपाल थे, उन्हें तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

केंद्र शासित प्रदेशों में भी बदलाव

केंद्र शासित प्रदेशों में भी बदलाव किए गए हैं। कविंद्र गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं विनय कुमार सक्सेना, जो पहले दिल्ली के उपराज्यपाल थे, उन्हें लद्दाख का उपराज्यपाल बनाया गया है। अब दिल्ली का नया उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को नियुक्त किया गया है।

कौन है तरनजीत सिंह संधू?

तरनजीत सिंह संधू एक वरिष्ठ राजनयिक रह चुके हैं और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता है। उन्होंने 2020 से 2024 तक अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में काम किया था। करीब 35 साल के अपने कूटनीतिक करियर में उन्होंने भारत और अमेरिका के संबंध मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले वे श्रीलंका में भारत के हाई कमिश्नर और जर्मनी में कॉन्सुल जनरल भी रह चुके हैं।

नंद किशोर यादव को मिली बड़ी जिम्मेदारी

नागालैंड के नए राज्यपाल बने नंद किशोर यादव बिहार की राजनीति के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं। वे बिहार विधानसभा के पूर्व स्पीकर रह चुके हैं और राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वे बिहार भाजपा के अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं। नंद किशोर यादव सात बार विधायक चुने जा चुके हैं। उन्होंने 2025 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था, तभी से यह चर्चा चल रही थी कि उन्हें राज्यपाल बनाया जा सकता है।

शिव प्रताप शुक्ला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले हैं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली सरकार में वित्त राज्य मंत्री रह चुके हैं। वे उत्तर प्रदेश में चार बार विधायक चुने गए और राज्य सरकार में मंत्री भी रहे। उन्हें प्रदेश के प्रमुख ब्राह्मण नेताओं में गिना जाता है। राज्यसभा सदस्य रहते हुए उन्हें भाजपा की ओर से व्हिप की जिम्मेदारी भी दी गई थी। विनय कुमार सक्सेना को पहले दिल्ली का उपराज्यपाल बनाया गया था। वे कॉर्पोरेट और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। इससे पहले वे खादी और ग्रामोद्योग आयोग के प्रमुख भी रह चुके हैं।

कविंद्र गुप्ता जम्मू के रहने वाले हैं और जम्मू और कश्मीर की राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा है। वे 2018 में जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। 2014 के विधानसभा चुनाव में वे गांधी नगर सीट से विधायक चुने गए थे। इमरजेंसी के समय वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता के रूप में करीब 13 महीने जेल में भी रहे थे।

पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस केरल के कोट्टायम इलाके के रहने वाले हैं और वे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने अंग्रेजी, मलयालम और हिंदी में करीब 40 किताबें लिखी हैं। उन्हें जवाहरलाल नेहरू फैलोशिप से भी सम्मानित किया जा चुका है। वे उस कार्यकारी समूह के अध्यक्ष भी रहे, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के लिए विकास का एजेंडा तैयार किया था। उनके द्वारा सुझाए गए ‘सबके लिए किफायती आवास’ के विचार को भी केंद्र सरकार ने अपनाया था।