पर्यटन नगरी मसूरी में अचानक बदला मौसम का मिजाज: चटक धूप के बाद झमाझम बारिश, अचानक बढ़ी ठिठुरन

पर्यटन नगरी मसूरी में बुधवार की शाम को मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। सैलानी मौसम के इस खूबसूरत बदलाव से बेहद रोमांचित नजर आए।

Uttrakhand : पहाड़ों की रानी और प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मसूरी में बुधवार की शाम को मौसम ने अचानक करवट ले ली। दिनभर की तपिश और चटक धूप के बाद शाम को हुई झमाझम बारिश और तेज हवाओं ने पूरे शहर का मिजाज बदल दिया। इस अचानक हुए मौसम परिवर्तन से जहां एक तरफ स्थानीय लोगों और पर्यटकों को मैदानी इलाकों जैसी गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ तापमान में आई भारी गिरावट के कारण अचानक ठिठुरन (ठंड) बढ़ गई है।


शाम 6 बजे अचानक बदला आसमान का रंग

स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अनुसार, मसूरी में बुधवार को सुबह से लेकर देर शाम तक तेज धूप खिली हुई थी, जिसके चलते लोग गर्मी और उमस का एहसास कर रहे थे। लेकिन शाम के ठीक 6:00 बजते ही आसमान में काले बादल घिर आए और देखते ही देखते तेज अंधड़ (हवाओं) के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। कुछ ही मिनटों की बारिश ने पूरे शहर को पूरी तरह से शीत लहर की आगोश में ले लिया।


माल रोड पर थमी चहल-पहल, होटलों की ओर भागे सैलानी

अचानक शुरू हुई तेज बारिश और सर्द हवाओं के कारण मसूरी के प्रसिद्ध 'माल रोड' और प्रमुख चौराहों पर सैलानियों की चहल-पहल एकाएक कम हो गई। देखते ही देखते माल रोड पर सन्नाटा पसर गया क्योंकि अधिकांश पर्यटक खुद को भीगने से बचाने के लिए और ठंड के कारण अपने-अपने होटलों की ओर लौट गए। जो पर्यटक रास्तों में थे, उन्होंने दुकानों और शेड्स के नीचे छुपकर खुद को बचाया।


"दिल्ली की गर्मी के बाद यहां का मौसम किसी जन्नत जैसा" — पर्यटक

देश के विभिन्न राज्यों से मसूरी घूमने पहुंचे सैलानी मौसम के इस खूबसूरत बदलाव से बेहद रोमांचित नजर आए। दिल्ली से सप्ताहांत (वीकेंड) मनाने मसूरी पहुंचीं महिला पर्यटक ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया, "हम दिल्ली की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से परेशान होकर यहां आए थे। दिन में तो यहां भी थोड़ी धूप थी, लेकिन शाम को अचानक जिस तरह से तेज हवाएं और झमाझम बारिश शुरू हुई, उसने मौसम को बेहद सुहावना और जादुई बना दिया है। हमें लग ही नहीं रहा कि हम जून के महीने में घूम रहे हैं।"


आने वाले दिनों के लिए अलर्ट

स्थानीय मौसम केंद्र का अनुमान है कि पहाड़ों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण अगले 24 से 48 घंटों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे देर शाम पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से बचें और अपने साथ पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े जरूर रखें, क्योंकि रात के समय तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज होने की संभावना है।