Tej Pratap Yadav: जेल से बाहर आते ही तेज प्रताप यादव ने CM सम्राट चौधरी पर हमला, बोले- 'संघर्ष से डरने वाले नहीं'

Tej Pratap Yadav: NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शन में गिरफ्तारी के बाद जेल से रिहा हुए तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए कहा कि संघर्ष से वह डरने वाले नहीं हैं।

Tej Pratap Yadav

Tej Pratap Yadav:  NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद गिरफ्तार किए गए बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव जेल से रिहा हो चुके हैं। उनकी रिहाई के बाद समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया था।

जानकारी के अनुसार, 25 जुलाई को पटना में आयोजित छात्र प्रदर्शन के दौरान तेज प्रताप यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर बिहार बंद के दौरान माहौल बिगाड़ने और विरोध प्रदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

तेज प्रताप यादव छात्रों के समर्थन में पहुंचे थे

पटना के रामगुलाम चौक और गांधी मैदान क्षेत्र में छात्रों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी दौरान तेज प्रताप यादव भी प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में पहुंचे थे और उनके साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। बाद में बिहार पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस वाहन से अपने साथ ले गई थी। 28 जुलाई को तेज प्रताप यादव को पटना की बेऊर जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर निकलते ही उनके समर्थकों और जेजेडी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और उनके समर्थन में नारे लगाए।

तेज प्रताप यादव का एक्स ट्वीट

रिहाई के बाद तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश साझा करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को धन्यवाद, जिन्होंने उन्हें जेल भेजकर जनता के बीच और अधिक मजबूती से खड़े होने का अवसर दिया।तेज प्रताप ने अपने संदेश में कहा कि वह संघर्ष से डरने वाले नहीं हैं और जनता की आवाज उठाना उनका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि वह आगे भी जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे और उनका संघर्ष जारी रहेगा। अपने संदेश में उन्होंने "जय बिहार" और "जय हिंद" के नारे भी लिखे तथा सावन की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित करने की सलाह दी। उन्होंने अंत में "हर-हर महादेव" का उद्घोष भी किया।