Pakistan Bomb Blast: बलूचिस्तान में बारूद की बारिश, चारो ओर बिखरी लाशें , 200 लोगों की मौत! इंटरनेट किया गया बंद

Pakistan Bomb Blast: पाकिस्तान का अशांत बलूचिस्तान इस वक्त लहूलुहान है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के बाग़ी लड़ाकों ने ऐसा तांडव मचाया कि हुकूमत की नींद उड़ गई। ...

बलूचिस्तान में बारूद की बारिश- फोटो : social Media

Pakistan Bomb Blast: पाकिस्तान का अशांत बलूचिस्तान इस वक्त लहूलुहान है। यहां हालात ऐसे हैं कि हर गली में ख़ौफ़, हर चौराहे पर सन्नाटा और हर चेहरे पर डर साफ़ पढ़ा जा सकता है। बीते कई सालों में पाकिस्तान ने इस तरह का खूनी मंज़र नहीं देखा। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी  के बाग़ी लड़ाकों ने ऐसा तांडव मचाया कि हुकूमत की नींद उड़ गई। विद्रोहियों के सिलसिलेवार हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई, जिनमें आम नागरिक भी शामिल हैं। इसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए बड़ा ‘सफाई अभियान’ छेड़ दिया।

रविवार से शुरू हुए इस ऑपरेशन में अब तक 145 विद्रोहियों को मार गिराने का दावा किया गया है। इस दौरान 17 सुरक्षाकर्मियों की शहादत की भी पुष्टि हुई है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने क्वेटा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पिछले 40 घंटों में यह आतंकवाद विरोधी अभियानों की सबसे बड़ी कार्रवाई है। बुगती के मुताबिक, मारे गए सभी 145 आतंकियों के शव सुरक्षाबलों के कब्जे में हैं और उनकी पहचान की जा रही है।

BLA के लड़ाकों ने जेल, सेना के ठिकानों और सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाया। हालात इतने बिगड़े कि एक डिप्टी डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर को अगवा कर लिया गया। जवाब में हुकूमत ने बलूचिस्तान को लगभग सील कर दिया। 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद, ट्रेन सेवाएं ठप और कई इलाकों में सड़क मार्ग पूरी तरह रोक दिए गए। बाजारों में ताले लटके रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

क्वेटा के एक दुकानदार हमदुल्लाह ने कहा, “यहां घर से निकलना मतलब जान हथेली पर रखना। कौन लौटेगा और कौन नहीं, कोई नहीं जानता।” दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना का कहना है कि वह आतंकियों के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ रही है। सेना के बयान के मुताबिक क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, दलबंदीन, खरान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी के आसपास आतंकियों ने शांति भंग करने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। सेना ने दावा किया कि तीन आत्मघाती हमलावरों समेत 92 आतंकियों को भीषण मुठभेड़ों में ढेर किया गया।

इस हिंसा में आम नागरिक भी चपेट में आए। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और मजदूरों समेत 18 लोगों की मौत हुई, जबकि 15 सैनिकों ने जान कुर्बान की। मुख्यमंत्री बुगती ने यह भी खुलासा किया कि पसनी और क्वेटा में दो महिला हमलावरों का इस्तेमाल किया गया था।

बलूचिस्तान की इस आग में झुलसता पाकिस्तान अब भारत पर इल्ज़ाम मढ़ने लगा है। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह पाकिस्तान का पुराना हथकंडा है। विदेश मंत्रालय ने दो टूक कहा कि पाकिस्तान को बलूचिस्तान के लोगों की जायज़ मांगों पर गौर करना चाहिए, न कि ज़ुल्म और कहर के ज़रिये अपनी नाकामियों पर पर्दा डालना चाहिए।