Earthquake News: आधी रात डोली धरती, भूकंप के झटके से सहमे घरों में सो रहे लोग, रिक्टर स्केल पर इतनी रही तीव्रता
Earthquake News: भूकंप के झटके ने एक बार फिर लोगों में दहशत का माहौल कायम कर दिया है। आधी रात को भूकंप के झटके ने लोगों को नींद से जगा दिया। रिक्टर स्केल में भूकंप की तीव्रता 4.5 मापी गई है।
Earthquake News: एक बार फिर भूकंप के झटके ने लोगों में दहशत का माहौल कायम कर दिया। देर रात जब सभी लोग अपने अपने घरों में सो रहे थे तभी भूकंप के झटके ने लोगों में दहशत फैला दिया। भूकंप के झटके तिब्बत में महसूस किए गए हैं। जानकारी के अनुसार रात करीब 2:30 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.5 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 25 किलोमीटर नीचे स्थित था।
इस वक्त होती है ज्यादा तबाही
विशेषज्ञों के अनुसार जब भूकंप का केंद्र धरती की सतह के ज्यादा करीब होता है, तो उसका असर अधिक खतरनाक हो सकता है। उथले भूकंप में सीस्मिक तरंगें कम दूरी में ज्यादा तीव्रता के साथ सतह तक पहुंचती हैं, जिससे जमीन अधिक तेजी से हिलती है और इमारतों को नुकसान होने की आशंका बढ़ जाती है।
इस कारण आता है तिब्बत में भूकंप
तिब्बती पठार को भूकंप संभावित क्षेत्रों में शामिल किया जाता है। इस क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार हलचल और टकराव होता रहता है। तिब्बत और नेपाल एक प्रमुख जियोलॉजिकल फॉल्ट लाइन पर स्थित हैं, जिसके कारण यहां समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं। यूरेशियन प्लेट से टकराव के कारण धरती में कंपन होता है और इसका प्रभाव हिमालयी क्षेत्र तक महसूस किया जाता है। यह पठार पूर्व से पश्चिम दिशा में फैला हुआ है और प्लेटों के उठाव के कारण यहां भूकंपीय गतिविधियां बनी रहती हैं।
भूकंप के दौरान घबराने के बजाय सही कदम उठाना जान बचा सकता है। यहां जानिए भूकंप आने पर क्या करें और क्या नहीं करें:
क्या करें
शांत रहें और तुरंत सुरक्षित जगह ढूंढें।
Drop, Cover, Hold का नियम अपनाएं – जमीन पर बैठें, किसी मजबूत टेबल/फर्नीचर के नीचे छिपें और उसे पकड़कर रखें।
सिर और गर्दन को हाथ या तकिए से ढकें ताकि चोट से बचाव हो सके।
अगर घर के अंदर हैं तो अंदर ही रहें, खिड़कियों, शीशों और भारी सामान से दूर रहें।
बाहर हैं तो इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर खुली जगह पर चले जाएं।
गाड़ी चला रहे हों तो वाहन रोककर खुले स्थान पर खड़े हो जाएं और झटके रुकने तक अंदर ही रहें।
लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें (झटके रुकने के बाद)।
आफ्टरशॉक्स के लिए तैयार रहें – भूकंप के बाद भी हल्के झटके आ सकते हैं।
क्या न करें
घबराकर भागें नहीं, इससे गिरने या चोट लगने का खतरा रहता है।
लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, यह बीच में फंस सकती है।
खिड़की, कांच, अलमारी या भारी सामान के पास न खड़े हों, ये गिर सकते हैं।
भूकंप के दौरान सीढ़ियों की ओर दौड़ने से बचें, वहां ज्यादा भीड़ और खतरा हो सकता है।
बिजली के तार, खंभे और पुल के नीचे न खड़े हों।
झटके रुकते ही तुरंत घर में वापस न जाएं, पहले जांच लें कि इमारत सुरक्षित है या नहीं।
भूकंप के बाद क्या ध्यान रखें
गैस लीक, बिजली के तार या आग लगने की स्थिति पर नजर रखें।
घायल लोगों की मदद करें और जरूरत पड़ने पर प्रशासन को सूचना दें।
मोबाइल का इस्तेमाल जरूरी कॉल के लिए ही करें, ताकि नेटवर्क व्यस्त न हो।
सही जानकारी और सतर्कता भूकंप के समय सबसे बड़ा बचाव है।