White House Shooting: बाल बाल बचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, व्हाइट हाउस के पास 30 राउंड गोलियों की गूंज,सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई में संदिग्ध ढेर, FBI ने संभाला मोर्चा
White House Shooting: अमेरिका की सत्ता के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले केंद्र वॉशिंगटन डीसी स्थित राष्ट्रपति आवास व्हाइट हाउस के पास 30 राउंड गोलियों की गूंज ने हाई-सिक्योरिटी ज़ोन को भी हिला कर रख दिया।...
White House Shooting: अमेरिका की सत्ता के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले केंद्र वॉशिंगटन डीसी स्थित राष्ट्रपति आवास व्हाइट हाउस के पास उस वक्त खौफ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब आज यानी रविवार को अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाजों से पूरा इलाका दहल उठा। बताया जा रहा है कि करीब 30 राउंड गोलियों की गूंज ने हाई-सिक्योरिटी ज़ोन को भी हिला कर रख दिया।
घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर ही मौजूद थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक एक संदिग्ध हमलावर ने व्हाइट हाउस के बाहर स्थित सुरक्षा बूथ पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जहां अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के अधिकारी तैनात थे।
जैसे ही हमला शुरू हुआ, सीक्रेट सर्विस के जवानों ने बिना देर किए जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में संदिग्ध हमलावर को गोली लगी और बाद में अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत की पुष्टि की गई। इस फायरिंग में एक राहगीर भी घायल बताया जा रहा है, जबकि किसी भी सुरक्षा अधिकारी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार पूरे इलाके को तुरंत सील कर दिया गया और भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया। मौके पर बम निरोधक दस्ते और जांच एजेंसियां भी पहुंच गईं। हालात को देखते हुए एफबीआई ने भी तुरंत जांच अपने हाथ में ले ली और घटनास्थल पर अपनी टीम भेज दी।
एफबीआई के वरिष्ठ अधिकारी काश पटेल ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए घटना की पुष्टि की और कहा कि एजेंसियां मिलकर मामले की गहन जांच कर रही हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।प्रारंभिक रिपोर्ट्स में सामने आया है कि हमलावर की पहचान 21 वर्षीय नेसिर बेस्ट के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर रिवॉल्वर से यह हमला किया। जवाबी कार्रवाई में सीक्रेट सर्विस ने उसे मौके पर ही ढेर कर दिया। इस पूरी घटना ने अमेरिका की सबसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि अधिकारियों का दावा है कि तेजी से हुई कार्रवाई ने एक बड़े खतरे को टाल दिया। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस हमले के पीछे असली मकसद क्या था और क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था।