बिहार के सुधा दूध का असम तक फैला कारोबार, पूर्वोत्तर में लगेगी एक लाख लीटर क्षमता वाली डेयरी यूनिट

बिहार के सुधा दूध का दायरा अब असम में और तेजी से बढ़ेगा, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि असम इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए संभावित स्थलों की पहचान की है।

Bihars Sudha Milk now in Assam
Bihars Sudha Milk now in Assam - फोटो : news4nation

Sudha Milk :  बिहार के सुधा दूध का दायरा अब पूर्वोत्तर भारत में और तेजी से बढ़ने जा रहा है। असम में सुधा दूध और उसके उत्पादों की बढ़ती पहुंच के बीच अब एक लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाली डेयरी यूनिट स्थापित करने की तैयारी है। इसके लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि प्रस्तावित यूनिट से राज्य में डेयरी क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और स्थानीय किसानों को भी लाभ होगा।


मुख्यमंत्री गुरुवार को सोनितपुर जिले के जामुगुरीहाट के शांतिपुर स्थित कन्याका डेयरी में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले दूध प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन कर रहे थे। इस प्लांट के शुरू होने से तेजपुर और आसपास के क्षेत्रों में दूध की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, पूर्वोत्तर में सुधा के क्षेत्रीय वितरण नेटवर्क को भी मजबूती मिलेगी।


एक लाख लीटर क्षमता वाली यूनिट 

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि असम इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए संभावित स्थलों की पहचान की है। इन स्थलों को कॉम्फेड के अधिकारियों को निरीक्षण के लिए दिखाया गया है। जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा। इस मौके पर कॉम्फेड के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक भी मौजूद रहे। कॉम्फेड बिहार की सहकारी संस्था है, जो सुधा ब्रांड के तहत दूध और दुग्ध उत्पादों का विपणन करती है।

2018 से असम में सुधा की मौजूदगी

कॉम्फेड ने नवंबर 2018 में गुवाहाटी के अमीनगांव स्थित थर्ड पार्टी डेयरी संयंत्र के माध्यम से पैकेट दूध और अन्य उत्पादों का विपणन शुरू किया था। अब स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने और वितरण नेटवर्क मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।


स्थानीय किसानों से खरीदा जाएगा दूध

असम के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले सोनितपुर प्लांट को राज्य के डेयरी क्षेत्र के लिए एक और उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्लांट के लिए पूरा दूध स्थानीय डेयरी किसानों से लिया जाएगा, जो दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े हैं। इससे किसानों को बाजार की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने बताया कि असम सरकार प्रत्यक्ष दूध सब्सिडी, दुग्ध सहकारी समितियों के डिजिटल पंजीकरण तथा मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान (CMAAA) और मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान (MMUA) जैसी योजनाओं के जरिए युवाओं और महिलाओं को डेयरी तथा इससे जुड़ी गतिविधियों से जोड़ रही है। राज्य का लक्ष्य दूध उत्पादन को बढ़ाकर 10 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाना है।