चुनाव आयोग की 'धांधली' के खिलाफ INDIA गठबंधन करेगा आंदोलन, 2 से 8 अक्टूबर तक प्रदर्शन और 6 को EC मार्च
बैठक में खड़गे ने SIR प्रक्रिया को लेकर कई मांगें सामने रखीं। इनमें भविष्य के चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूची के इस्तेमाल, मतदाता सूची में होने वाले हर बदलाव की पूरी पारदर्शिता और नाम जोड़ने, हटाने या सुधारने की जानकारी से जुड़े मुद्दे रहे
INDIA : मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन ने बुधवार को दिल्ली में बैठक कर संयुक्त आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप दिया। बैठक में करीब 19 विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्षी दल संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के मुद्दे पर एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे।
बैठक के बाद खड़गे ने बताया कि 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किए जाएंगे। वहीं, 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करेंगे। इसके अलावा अक्टूबर-नवंबर में पांच बड़ी रैलियां आयोजित करने का फैसला लिया गया है। इनमें 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली प्रस्तावित है। विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मुलाकात का समय भी मांगेंगे।
खड़गे ने रखीं चुनाव सुधार से जुड़ी मांगें
बैठक में खड़गे ने SIR प्रक्रिया को लेकर कई मांगें सामने रखीं। इनमें भविष्य के चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूची के इस्तेमाल, मतदाता सूची में होने वाले हर बदलाव की पूरी पारदर्शिता और नाम जोड़ने, हटाने या सुधारने की जानकारी निर्वाचन क्षेत्र और बूथ स्तर पर सार्वजनिक करने की मांग शामिल है। उन्होंने मतदाताओं को नाम हटाए जाने की सूचना देने और अपील का पर्याप्त अवसर देने पर भी जोर दिया।
खड़गे ने EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान की मांग भी दोहराई और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके पद से हटने की मांग रखी। ये मांगें कांग्रेस की मंगलवार को हुई कार्यसमिति की बैठक में उठाए गए मुद्दों को आगे बढ़ाती हैं।
राहुल गांधी ने CEC पर लगाए आरोप
बैठक के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने चुनाव कानून में CEC को मिली कानूनी सुरक्षा का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि उन्हें ऐसी सुरक्षा क्यों प्राप्त है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए CEC का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। ये राहुल गांधी के आरोप हैं, जिनका चुनाव आयोग या केंद्र सरकार का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन के नेताओं से एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल संविधान के सामूहिक रक्षक हैं और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर मिलकर संघर्ष करेंगे।
इस बैठक के जरिए INDIA गठबंधन ने SIR, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर अपने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की योजना स्पष्ट कर दी है। आने वाले दिनों में घोषित प्रदर्शन और रैलियों के जरिए विपक्ष इन मुद्दों को राजनीतिक और सार्वजनिक बहस के केंद्र में रखने की तैयारी में है।