मन की बात में पीएम मोदी हुए बिहार के मुरीद , सीतामढ़ी की हुई जमकर तारीफ, बिहारियों की तरह करें यह काम

पीएम मोदी ने कहा कि सीतामढ़ी की यह पहल लोगों को यह संदेश दे रही है कि जिस प्लास्टिक को बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, उसका सही प्रबंधन और तकनीक के जरिए दोबारा उपयोग किया जा सकता है।

PM Modi Praises Sitamarhi in Mann Ki Baat
PM Modi Praises Sitamarhi in Mann Ki Baat- फोटो : news4nation

Maan Ki Baat :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में बिहार के सीतामढ़ी जिले की एक अनूठी पर्यावरणीय पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने सिंगल-यूज प्लास्टिक के बढ़ते प्रदूषण के बीच सीतामढ़ी में अपनाए जा रहे ‘वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि कचरे को सही तरीके से प्रबंधित कर उसे समाज के लिए उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सीतामढ़ी में सिंगल-यूज प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल कर मजबूत और टिकाऊ बेंच तैयार की जा रही हैं। एक बेंच बनाने में करीब 40 किलोग्राम सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जाता है। इन बेंचों को सरकारी स्कूलों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगाया जा रहा है।


‘कचरा नहीं, उपयोगी संसाधन है प्लास्टिक’

पीएम मोदी ने कहा कि सीतामढ़ी की यह पहल लोगों को यह संदेश दे रही है कि जिस प्लास्टिक को बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, उसका सही प्रबंधन और तकनीक के जरिए दोबारा उपयोग किया जा सकता है। इससे बच्चों और आम लोगों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ‘रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल’ का सिद्धांत अब केवल नारा नहीं रह गया है, बल्कि कई जगहों पर लोगों के जीवन का हिस्सा बन रहा है।

पटना में  नितिन नवीन ने सुनी ‘मन की बात’

पटना में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुना। इस दौरान भाजपा नेताओं ने सीतामढ़ी की पहल का विशेष रूप से उल्लेख किया और इसे बिहार के लिए गौरव का विषय बताया। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बिहार के एक जिले की स्थानीय पहल को राष्ट्रीय मंच से सराहा जाना इस बात का प्रमाण है कि राज्य में किए जा रहे नवाचारों को देशभर में पहचान मिल रही है। सीतामढ़ी की यह पहल पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन और स्थानीय रोजगार—तीनों क्षेत्रों में एक साथ काम कर रही है।

8 हजार किलो प्लास्टिक से तैयार हुईं 85 बेंच

इस परियोजना के एक चरण में सीतामढ़ी के डुमरा, रीगा, बाजपट्टी और रुन्नीसैदपुर प्रखंडों से करीब 8,000 किलोग्राम सिंगल-यूज प्लास्टिक एकत्र किया गया। इसमें से करीब 4,000 किलोग्राम प्लास्टिक को रिसाइकिल कर 85 आकर्षक बेंच तैयार की गईं। इस पूरी प्रक्रिया में प्लास्टिक कचरे का संग्रह, सफाई, छंटाई, परिवहन और प्रोसेसिंग शामिल है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। 

जिला प्रशासन की पहल की पीएम ने की सराहना

प्रधानमंत्री ने इस अभियान को सफल बनाने में सीतामढ़ी जिला प्रशासन और स्थानीय औद्योगिक इकाई की भूमिका की भी सराहना की। इस मॉडल में राजस्व साझा करने की व्यवस्था भी की गई है, जिससे प्रशासन और औद्योगिक साझेदार दोनों को लाभ मिल रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि सीतामढ़ी की यह पहल देश के दूसरे जिलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर शुरू किए गए ऐसे छोटे-छोटे प्रयास बड़े पर्यावरणीय बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

वंदना के रिपोर्ट