बिहार में रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! सहरसा-मानसी रेलखंड दोहरीकरण प्रक्रिया शुरू, 393 करोड़ की लागत
सहरसा-मानसी रेलखंड के दोहरीकरण के तहत नई रेललाइन बिछाने के साथ कई तरह के निर्माण कार्य किए जाएंगे। इसमें अर्थवर्क, ब्लैंकेटिंग, रेलवे फाटक का विस्तार, पाथवे निर्माण, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग और दूरसंचार से जुड़े काम शामिल हैं।
Bihar News : बिहार के कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए अच्छी खबर है। सहरसा-मानसी रेलखंड के दोहरीकरण की दिशा में बड़ी पहल हुई है। इस परियोजना के लिए 393 करोड़ 19 लाख 66 हजार 781 रुपये 20 पैसे की लागत से टेंडर जारी किया गया है। करीब 42.2 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड पर दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद ट्रेनों के परिचालन में सहूलियत होगी, ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का रास्ता खुलेगा और समयपालन में भी सुधार होने की उम्मीद है।
रेल निर्माण विभाग के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की ओर से जारी टेंडर के तहत इस परियोजना को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड में पूरा किया जाएगा। टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 16 फरवरी 2027 निर्धारित की गई है। प्रक्रिया पूरी होने और कार्य एजेंसी का चयन होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। परियोजना को तीन साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
393 करोड़ से अधिक की लागत
सहरसा-मानसी रेलखंड के दोहरीकरण के तहत नई रेललाइन बिछाने के साथ कई तरह के निर्माण कार्य किए जाएंगे। इसमें अर्थवर्क, ब्लैंकेटिंग, रेलवे फाटक का विस्तार, पाथवे निर्माण, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग और दूरसंचार से जुड़े काम शामिल हैं। इसके अलावा छोटे-बड़े पुलों का भी निर्माण किया जाएगा। परियोजना के तहत 25 टन एक्सल लोड क्षमता वाली रेललाइन बिछाने की योजना है। इससे रेलखंड पर भारी मालगाड़ियों के परिचालन की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
21 छोटे-बड़े पुल बनेंगे, 13 रेलवे फाटक
दोहरीकरण परियोजना के तहत कुल 21 छोटे-बड़े पुलों का निर्माण किया जाएगा। इनमें कोपरिया से मानसी के बीच सात बड़े और 14 छोटे पुल शामिल हैं। इसके साथ ही रेलखंड पर 13 रेलवे फाटकों का विस्तार किया जाएगा। रेलवे की योजना सहरसा की ओर से बाईं और मानसी की ओर से दाईं दिशा में नई रेललाइन बिछाने की है। इससे मौजूदा रेललाइन पर ट्रेनों के परिचालन का दबाव कम होगा और ट्रेनों को एक-दूसरे के गुजरने के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
अभी चलती हैं 24 जोड़ी यात्री ट्रेनें
फिलहाल सहरसा-मानसी रेलखंड सिंगल लाइन है। इस रेलखंड पर 24 जोड़ी यात्री ट्रेनों के अलावा मालगाड़ियों का भी परिचालन होता है। यात्रियों के साथ-साथ यह रेलखंड माल ढुलाई के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से कोयला, गेहूं, चावल, सीमेंट, उर्वरक, नमक, रेत, पत्थर और चीनी जैसी आवश्यक वस्तुओं का परिवहन किया जाता है। ऐसे में एक अतिरिक्त रेललाइन उपलब्ध होने से यात्री और मालगाड़ियों, दोनों के परिचालन को गति मिलने की उम्मीद है।
रेललाइन की क्षमता पर बढ़ रहा दबाव
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सहरसा-मानसी रेलखंड की मौजूदा लाइन की क्षमता का उपयोग 108.11 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अनुमान है कि वर्ष 2028-29 तक यह बढ़कर 119.34 प्रतिशत हो सकता है। ऐसे में दोहरीकरण परियोजना को भविष्य की बढ़ती यातायात जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने और चालू होने के बाद इस रेलखंड से सालाना 17.64 लाख टन अतिरिक्त माल ढुलाई होने की उम्मीद है। इससे कृषि, निर्माण और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों को भी लाभ मिल सकता है।
498.58 करोड़ रुपये की मिली थी स्वीकृति
सहरसा-मानसी रेलखंड के दोहरीकरण के लिए इसी वर्ष जनवरी में 498.58 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने की जानकारी दी गई थी। अब 393.19 करोड़ रुपये से अधिक की लागत का टेंडर जारी होना परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र के अनुसार, सहरसा-मानसी रेलखंड के दोहरीकरण से इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यात्रियों और माल ढुलाई की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि सहरसा-मानसी रेलखंड पर सिंगल लाइन की सुविधा 12 जून 2005 को शुरू हुई थी। अब दोहरीकरण परियोजना पूरी होने के बाद कोसी क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने और यात्री सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है।