कर्नाटक में समस्तीपुर के प्रवासी मजदूर की मौत, सेवा ब्रिगेड बेंगलुरु ने शव गांव पहुंचाने में की मदद
कर्नाटक के चेन्नापट्टना क्षेत्र में निर्माण कार्य से जुड़े कुछ प्रवासी मजदूरों के बीच विवाद के बाद अंकित कुमार की मौत हुई। मामले में दो नाबालिगों को आरोपी बनाया गया है. इसमें सेवा ब्रिगेड बेंगलुरु ने शव गांव पहुंचाने में मदद की
Bihar News : बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर निवासी प्रवासी मजदूर अंकित कुमार की कर्नाटक में मौत के बाद उनके शव को पैतृक गांव पहुंचाने की प्रक्रिया में सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन, बेंगलुरु ने सहयोग किया। फाउंडेशन की टीम ने पुलिस और चिकित्सकों के समन्वय से पोस्टमार्टम, दस्तावेजी औपचारिकताओं, अनुमति और एनओसी की प्रक्रिया पूरी कराने में मदद की।
जानकारी के मुताबिक, चेन्नापट्टना क्षेत्र में निर्माण कार्य से जुड़े कुछ प्रवासी मजदूरों के बीच विवाद के बाद अंकित कुमार की मौत हुई। मामले में दो नाबालिगों को आरोपी बनाया गया है। दोनों की उम्र करीब 16-17 वर्ष बताई जा रही है। नाबालिग होने के कारण उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस कार्रवाई के बाद दोनों किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत हैं।
अंकित के चाचा राजेश साहनी ने शव को बिहार लाने के लिए सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन से संपर्क किया था। इसके बाद संस्था की टीम ने चेन्नापट्टना से बेंगलुरु तक एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। वहां से शव को हवाई मार्ग से पटना और फिर एंबुलेंस के जरिए विभूतिपुर स्थित पैतृक गांव पहुंचाया गया। मृतक के भाई संजीव कुमार और उनके मित्र रौशन साहनी के लिए भी बेंगलुरु से बिहार आने की हवाई यात्रा की व्यवस्था फाउंडेशन की ओर से की गई।
शव गांव पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित शामिल हुए।
फाउंडेशन के संस्थापक प्रवीण पांडेय ने कहा कि दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों के सामने रोजगार के साथ आपात स्थिति में सहायता और शव को घर तक पहुंचाने जैसी चुनौतियां भी रहती हैं। संस्था के अनुसार, पिछले करीब पांच वर्षों में वह 20 से अधिक मामलों में दूसरे राज्यों से शव बिहार पहुंचाने में सहयोग कर चुकी है।
घटना में नाबालिगों के निर्माण कार्य से जुड़े होने की जानकारी के बाद प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और कार्यस्थलों पर नाबालिगों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे हैं।