पटना-गया रेलखंड पर पुनपुन का कहर, ब्रिज नंबर 21 डूबा, इन ट्रेनों का परिचालन अगले आदेश तक बंद
पटना के आसपास पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण रेल परिचालन पर बड़ा असर पड़ा है। पटना-गया रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन अगले आदेश तक बंद कर दिया गया
Bihar Rail News : पटना-गया रेलखंड पर रेल यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पटना के आसपास पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण रेल परिचालन पर बड़ा असर पड़ा है। पुनपुन और परसा बाजार के बीच डाउन लाइन पर ब्रिज नंबर 21 के पास पानी का स्तर बढ़ने के कारण रेलवे ने एहतियातन इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन अगले आदेश तक रोक दिया है। जलस्तर की स्थिति को देखते हुए रेलवे लगातार निगरानी कर रहा है।
इसके साथ ही रेलवे ने कुछ ट्रेनों को डायवर्ट किया है। जारी सूचना के अनुसार PRNC–HTE Express, HTE–PRNC Express, Gangadamodar Express, Budh Purnima Express और पटना-नवादा रूट की MEMU ट्रेनों समेत कुल 10 ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है। इनमें ट्रेन संख्या 18625, 18626, 13329, 13330, 15137, 15138, 63390, 63389, 63391 और 63392 शामिल हैं।
रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के परिचालन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। पुनपुन नदी के बढ़े जलस्तर के कारण पुल के पास पानी का दबाव बढ़ने को देखते हुए सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है। वहीं, ट्रेन संख्या 13410 (किऊल-मालदा टाउन इंटरसिटी एक्सप्रेस) 6 सितंबर 2026 को रद्द रहेगी। इसके अलावा ट्रेन संख्या 13416 (पटना-मालदा टाउन एक्सप्रेस) का परिचालन 7 सितंबर 2026 को नहीं होगा।
गंगा का रिकॉर्ड जलस्तर
जल संसाधन विभाग के अनुसार रविवार को सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर पटना के दीघा घाट पर 51.99 मीटर, गाँधीघाट पर 50.56 मीटर और मोकामा के हाथिदाह में 43.50 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। तीनों स्टेशनों पर यह उच्चतम बाढ़ स्तर है। दरअसल पुनपुन नदी का संगम पटना के फतुहा में गंगा नदी में होता है। गंगा नदी पहले से अपने उच्चतम स्तर पर है जिस कारण पुनपुन नदी का पानी लगातार बढ़ता जा रहा है और इससे पुनपुन के बहाव क्षेत्रों में आने वाले इलाकों में बाढ़ की विभीषिका बढ़ रही है।
विभाग के अनुसार गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि एवं पटना के गांधी घाट पर जलस्तर के उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level) को पार करने के बाद अब पानी का दबाव डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहेगा। इसका प्रभाव अगले 1 से 3 दिनों तक हाथीदह एवं उसके बाद के डाउनस्ट्रीम गेज स्टेशनों पर देखने को मिल सकता है तथा यह हाथीदाह में पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर सकता है। इससे बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार जिले के गंगा के किनारे वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई गई है।