समुद्र में समाया पवन हंस हेलीकॉप्टर: अंडमान में टला बड़ा हादसा, सात यात्री थे सवार,

अंडमान के समुद्र से एक और विमान हादसे की खबर ने देश को दहला दिया। मंगलवार सुबह अंडमान के मायाबंदर के पास 'पवन हंस' का एक हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के बाद समुद्र में क्रैश हो गया।

समुद्र में समाया पवन हंस हेलीकॉप्टर: अंडमान में टला बड़ा हाद

N4N Desk - : झारखंड में हुए भीषण एयर एम्बुलेंस हादसे के अभी 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि अंडमान के समुद्र से एक और विमान हादसे की खबर ने देश को दहला दिया। मंगलवार सुबह अंडमान के मायाबंदर के पास 'पवन हंस' का एक हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के बाद समुद्र में क्रैश हो गया। हालांकि, सुखद बात यह रही कि इसमें सवार सभी 7 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

अंडमान: मौत को मात देकर लौटे 7 जांबाज

मंगलवार, 24 फरवरी की सुबह करीब 9:30 बजे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के मायाबंदर के पास एक पवन हंस हेलीकॉप्टर समुद्र में गिर गया। हेलीकॉप्टर ने श्री विजयपुरम (पोर्ट ब्लेयर) से सुबह 8:45 बजे उड़ान भरी थी। इसमें 2 क्रू मेंबर और 5 यात्री सवार थे। उड़ान के कुछ समय बाद ही तकनीकी खराबी आई, जिसके बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए समुद्र में क्रैश-लैंडिंग की। समय रहते चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन की बदौलत सभी को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पायलट की सूझबूझ से बची जान

सीनियर सिविल एविएशन अधिकारियों के अनुसार, हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के दौरान 'शॉर्ट क्लाइंबिंग' की समस्या आई थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि पायलट ने तकनीकी खराबी भांप ली थी और बड़ी दुर्घटना टालने के लिए समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया। पवन हंस के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है और सभी यात्री खतरे से बाहर हैं।

झारखंड हादसा: चतरा के जंगलों में बिछ गईं 7 लाशें

अंडमान की यह खबर इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि ठीक एक दिन पहले यानी सोमवार शाम झारखंड के चतरा जिले में एक बड़ा विमान हादसा हुआ था। वहां एक मेडिकल एयर एम्बुलेंस प्लेन घने जंगलों में क्रैश हो गया था। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरने के महज 20 मिनट बाद रडार से गायब हुए इस विमान में सवार सभी 7 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। 

24 घंटे में दो बड़े विमान हादसे, उठ रहे सवाल

विमानन क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के भीतर हुए इन दो हादसों ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहाँ झारखंड में रडार से संपर्क टूटने के बाद विमान मलबे में तब्दील हो गया, वहीं अंडमान में पवन हंस की तकनीकी खराबी ने यात्रियों की जान जोखिम में डाल दी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अंडमान मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

जांच के घेरे में 'पवन हंस' की सुरक्षा

मायाबंदर के पास हुए इस हादसे के बाद विशेषज्ञ अब पवन हंस हेलीकॉप्टरों के रख-रखाव पर भी सवाल उठा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह हादसा मशीनी खराबी की वजह से था या इसके पीछे कोई मानवीय चूक थी। फिलहाल प्राथमिकता सभी घायलों के बेहतर इलाज और क्षेत्र में विमान सुरक्षा को पुख्ता करने की है।