भरत तिवारी एनकाउंटर पर दिल्ली में हुंकार! जंतर-मंतर पर जुटेंगे 10 हजार लोग, इंसाफ की मांग को लेकर राष्ट्रपति-पीएम तक पहुंचेगा ज्ञापन
Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर आज राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बड़े विरोध प्रदर्शन का गवाह बनेगा।...
Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर आज राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बड़े विरोध प्रदर्शन का गवाह बनेगा। 'क्रांतिवीर भरत तिवारी संघर्ष मोर्चा' के बैनर तले आयोजित श्रद्धांजलि सभा और न्याय अधिकार सभा में बिहार समेत उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा से करीब 10 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि कथित एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि 17 जून 2026 को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 26 वर्षीय भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर में घायल हुए थे। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से बिहार की सियासत में संग्राम मचा हुआ है। विपक्ष लगातार राज्य सरकार को घेरते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि यह मामला राजनीतिक और कानूनी बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
आयोजकों के मुताबिक जंतर-मंतर पर होने वाले कार्यक्रम में भरत तिवारी को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ न्याय की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा। सभा के समापन के बाद आंदोलन की आगामी रणनीति पर भी विचार-विमर्श होगा। इसके अलावा न्याय की मांग कर रहे अधिवक्ताओं के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा, जिसमें निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग दर्ज होगी।
इधर, भरत तिवारी एनकाउंटर को आज एक महीना पूरा हो गया है। इस मौके पर उनकी मां आशा देवी ने भावुक अपील करते हुए कहा कि सरकार पूरे बिहार में शिकायतों के समाधान के लिए सहयोग शिविर चला रही है, लेकिन उनके बेटे की मौत के 30 दिन बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या मैं बिहार की नागरिक नहीं हूं? अगर आम लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई हो सकती है, तो मेरे बेटे के मामले में अब तक इंसाफ क्यों नहीं मिला?"
आज का यह प्रदर्शन भरत तिवारी प्रकरण को राष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा दे सकता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस आंदोलन और ज्ञापन के बाद जांच और कानूनी कार्रवाई को लेकर क्या नया घटनाक्रम सामने आता है।