स्वघोषित 'विश्वगुरु' हो गए बेनकाब ! अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भड़की कांग्रेस, पीएम मोदी को घेरा
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और हालिया युद्धविराम में भारत की विदेश नीति सवालों में घिरी है.
Narendra Modi : कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने बुधवार को भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र की मोदी सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला। यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की मेजबानी करने की घोषणा की, जो दोनों देशों के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते के बाद सामने आई। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “अत्यधिक व्यक्तिगत कूटनीति” के लिए बड़ा झटका बताया। पार्टी ने कहा कि इस घटनाक्रम से भारत की वैश्विक स्थिति पर सवाल खड़े होते हैं और प्रधानमंत्री की विदेश नीति की सीमाएं उजागर हुई हैं।
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने बयान जारी कर कहा कि पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव और हालिया युद्धविराम को लेकर दुनिया सतर्क नजर रखे हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने गाजा में इजरायल की कार्रवाई और वेस्ट बैंक में उसकी गतिविधियों पर चुप्पी साध रखी है। उन्होंने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए स्वघोषित विश्वगुरु के बेनकाब होने की बात कही।
भारत को हुआ नुकसान
रमेश ने यह भी दावा किया कि क्षेत्रीय संघर्ष की शुरुआत ईरान में शीर्ष अधिकारियों की लक्षित हत्याओं से हुई, जो प्रधानमंत्री की इजरायल यात्रा के तुरंत बाद हुई थीं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचा है।
पाकिस्तान के खिलाफ असफल
कांग्रेस ने पाकिस्तान की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के समर्थन के बावजूद उसे वैश्विक स्तर पर अलग-थलग करने की रणनीति सफल नहीं रही। पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोह सिंह के कार्यकाल का हवाला देते हुए मौजूदा सरकार की तुलना की।
ऑपरेशन सिंदूर पर घेरा
इसके साथ ही कांग्रेस ने “ऑपरेशन सिंदूर” को अचानक रोकने के फैसले पर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार ने इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। विपक्ष का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार को देश के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।