संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर चंदा चोरी, E20 पर मोदी सरकार की बढ़ेगी मुश्किलें, कांग्रेस की बड़ी तैयारी
मानसून सत्र से पहले कांग्रेस की रणनीति से साफ है कि विपक्ष संसद में सरकार को कई मोर्चों पर घेरने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में 20 जुलाई से शुरू होने वाला संसद का मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी हंगामेदार रहने की संभावना है।
संसद के आगामी मानसून सत्र में कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार की है। पार्टी ने कहा है कि वह राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी, शिक्षा व्यवस्था में “व्यवस्थित गिरावट”, पेपर लीक, महंगाई, कथित भ्रष्टाचार और राजनीतिक दलों को तोड़ने जैसे मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाएगी। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मानसून सत्र की रणनीति को लेकर बैठक की। यह बैठक कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के 10 जनपथ स्थित आवास पर हुई। बैठक में संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, राज्यसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक जयराम रमेश, पी चिदंबरम, के सुरेश, नसीर हुसैन, मणिकम टैगोर, कुमारी सैलजा, तारिक अनवर, शशि थरूर और मनीष तिवारी समेत कई नेता शामिल हुए।
बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस की रणनीति के प्रमुख मुद्दों का संकेत दिया। उन्होंने राम मंदिर के चंदे से जुड़े आरोपों को “आस्था के साथ धोखा” बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को संसद में उठाएगी। इसके अलावा पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में कथित संस्थागत गिरावट, सरकारी संस्थानों पर कब्जे, राजनीतिक दलों को तोड़ने, विभिन्न घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों को भी पार्टी प्रमुखता से उठाएगी। खरगे ने बढ़ती महंगाई, विदेश नीति की कथित विफलताओं, रणनीतिक फैसलों, 3.5 करोड़ वाहन मालिकों पर E20 पेट्रोल थोपे जाने, बड़े पैमाने पर वनों की कटाई और SC, ST, OBC तथा अल्पसंख्यकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की बात कही।
परिसीमन विधेयक का कांग्रेस करेगी विरोध
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी को जानकारी मिली है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह परिसीमन से जुड़े विधेयक को फिर से लाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार 17 अप्रैल को इस विधेयक के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाई थी, लेकिन अब इसे दोबारा पेश करने की कोशिश की जा रही है।
रमेश ने कहा कि कांग्रेस परिसीमन विधेयक का मजबूती से विरोध करेगी और इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के बीच एकजुटता बनाए रखने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों में 30 दिन तक हिरासत में रहने वाले मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने से जुड़े प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक का भी कांग्रेस विरोध करेगी।
'वन नेशन, वन इलेक्शन' और शिक्षा विधेयक पर भी विरोध
जयराम रमेश ने कहा कि 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के मुद्दे पर गठित संयुक्त संसदीय समिति की चर्चा भी बैठक में हुई। कांग्रेस ने 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक' का पूरी तरह विरोध करने का फैसला किया है। इसके अलावा FCRA संशोधन विधेयक के दोबारा संसद में आने की संभावना पर भी पार्टी ने विरोध जताया।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर भी कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि यह कानून प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का आधार है और इसमें किसी भी ऐसे बदलाव का विरोध किया जाएगा, जिससे गरीबों के खाद्य अधिकार प्रभावित हों।
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस मौजूदा लोकसभा की संख्या के आधार पर महिला आरक्षण लागू करने के पक्ष में है। यदि सरकार ऐसा करती है तो कांग्रेस इसका समर्थन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक दलों को तोड़कर दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस तरह हासिल किया गया बहुमत संविधान और लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा होगा।