अन्नाद्रमुक में टूट ! पलानीस्वामी पर भड़के शनमुगम, तमिलनाडु की विजय सरकार को देंगे समर्थन

विधानसभा चुनाव में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से 10 सीट पीछे रह गई थी, अब विजय सरकार को बड़ा सर्मथन मिला है.

CV Shanmugam-led AIADMK
CV Shanmugam-led AIADMK - फोटो : news4nation

Tamil Nad : तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला। AIADMK के वरिष्ठ नेता सी वी शनमुगम के नेतृत्व वाले पार्टी के बागी गुट ने मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। शनमुगम ने दावा किया कि यह फैसला AIADMK के अधिकांश विधायकों की सहमति से लिया गया है।


यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब बुधवार को विधानसभा में विजय सरकार को बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट का सामना करना है। हालिया विधानसभा चुनाव में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से 10 सीट पीछे रह गई थी। इसके बाद कांग्रेस, वामपंथी दलों, VCK और IUML के समर्थन से सरकार का गठन हुआ था।


AIADMK के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच शनमुगम ने पार्टी महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह यह सुनकर हैरान रह गए कि पलानीस्वामी DMK के समर्थन से मुख्यमंत्री बनने की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि DMK पार्टी का वैचारिक विरोधी रही है और ऐसे संकेतों ने विधायकों के बीच असंतोष पैदा किया।


शनमुगम ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका गुट AIADMK को तोड़ना नहीं चाहता, बल्कि पार्टी को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि AIADMK किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं है और पार्टी का BJP से भी कोई संबंध नहीं है। इस बीच, S. P. Velumani को AIADMK विधायक दल का नेता चुना गया है, जबकि शनमुगम के करीबी जी. हरि को उपनेता बनाया गया। वेलुमणि ने कहा कि पार्टी में एक और टूट से बचने और संगठन को मजबूत रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।


उन्होंने पलानीस्वामी से जल्द AIADMK की जनरल काउंसिल बैठक बुलाने की मांग भी की, ताकि पार्टी के भीतर चल रहे विवाद को सुलझाया जा सके। हालिया चुनाव में AIADMK ने 47 सीटें जीती थीं और अब पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर संघर्ष खुलकर सामने आ गया है।