India New Sky Shield: आसमान में भारत की नई ढाल, DRDO ने VSHORADS के तीन धांसू टेस्ट कर दुश्मनों को दिया सख्त पैगाम, दुश्मन का बनेगी काल

India New Sky Shield: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने तीन सफल उड़ान परीक्षण कर दुनिया को साफ संदेश दे दिया है भारत अब हवाई खतरों के खिलाफ पूरी तरह मुस्तैद है।...

India New Sky Shield
आसमान में भारत की नई ढाल- फोटो : social Media

India New Sky Shield: रक्षा मोर्चे पर हिंदुस्तान ने एक बार फिर ताकत का इज़हार किया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली VSHORADS के लगातार तीन सफल उड़ान परीक्षण कर दुनिया को साफ संदेश दे दिया है भारत अब हवाई खतरों के खिलाफ पूरी तरह मुस्तैद है।

इन परीक्षणों का मकसद सिर्फ तकनीकी औपचारिकता नहीं, बल्कि मिसाइल की मारक क्षमता को दोबारा साबित करना था। VSHORADS ने अलग-अलग ऊंचाई, दूरी और रफ्तार से आने वाले तेज रफ्तार हवाई लक्ष्यों को सटीक निशाना बनाकर इंटरसेप्ट किया और हवा में ही तबाह कर दिया। हालात ऐसे बनाए गए थे, मानो दुश्मन का लड़ाकू विमान भारतीय सरजमीं की ओर बढ़ रहा हो और हर बार मिसाइल ने उसे रास्ते में ही खत्म कर दिया।

सबसे अहम बात यह रही कि ये परीक्षण फाइनल तैनाती कॉन्फिगरेशन में किए गए। यानी फील्ड ऑपरेटरों ने खुद लक्ष्य की पहचान की और मिसाइल दागी। टेलीमेट्री, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम और रडार से मिले आंकड़ों ने साफ कर दिया कि यह स्वदेशी प्रणाली हर किस्म के लो-फ्लाइंग हवाई खतरे से निपटने में सक्षम है।

यूजर वैलिडेशन ट्रायल्स के दौरान तीनों सेनाओं के प्रतिनिधि, DRDO के वरिष्ठ वैज्ञानिक और उत्पादन साझेदार मौजूद रहे। यह महज एक सैन्य परीक्षण नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की रणनीतिक छलांग है।

VSHORADS एक मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे DRDO के रिसर्च सेंटर इमारत ने अन्य लैब्स और उद्योग साझेदारों के साथ मिलकर विकसित किया है। यह थलसेना, नौसेना और वायुसेना तीनों की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया गया है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात में यह कामयाबी भारत की सुरक्षा नीति को नई धार देगी। साफ है अब आसमान में भी भारत की ढाल पहले से ज्यादा मजबूत हो चुकी है।