लाल किले से छात्रों और युवाओं के लिए मोदी का बड़ा ऐलान, मुफ्त प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग, 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग की घोषणा

Independence Day 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से छात्रों और युवाओं के लिए बड़े ऐलान किए।...

PM Modi Announces Free Coaching AI Training for 1 Crore Yout

Independence Day 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से छात्रों और युवाओं के लिए बड़े ऐलान किए। इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने और देश की युवा शक्ति की भूमिका को खास तवज्जो दी गई। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने युवाओं को देश के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कई अहम कदमों का ऐलान किया।

प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए बड़ी सौगात का ऐलान करते हुए कहा कि सरकार उन्हें मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराएगी। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बार-बार बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। वे अपने घर में रहकर ऑनलाइन माध्यम से तैयारी कर सकेंगे। सरकार की यह पहल उन विद्यार्थियों के लिए खास तौर पर अहम मानी जा रही है, जिनके सामने महंगी कोचिंग फीस, रहने और आने-जाने का खर्च बड़ी रुकावट बन जाता है।

पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों को बेहतर तैयारी का मौका दिया जाएगा, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं में आत्मविश्वास के साथ शामिल हो सकें। ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू होने से शिक्षा और तकनीक के बीच की दूरी कम करने की कोशिश होगी। इसका फायदा देश के छोटे शहरों, कस्बों और गांवों के विद्यार्थियों को भी मिलने की उम्मीद है।युवाओं के लिए प्रधानमंत्री ने इससे भी बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सरकार अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देगी। दुनिया तेजी से AI आधारित तकनीक की ओर बढ़ रही है और ऐसे में भारत की युवा आबादी को नई तकनीकी हुनर से लैस करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया गया।AI स्किल्स की ट्रेनिंग से युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसरों के दरवाजे खुलने की उम्मीद है। आने वाले समय में उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बैंकिंग, कारोबार और प्रशासन समेत लगभग हर क्षेत्र में AI की भूमिका बढ़ने वाली है। ऐसे में बड़ी संख्या में युवाओं को इस तकनीक का प्रशिक्षण देने की योजना को भविष्य की जरूरत से जोड़कर देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने युवाओं के साथ-साथ किसानों और महिलाओं पर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें देश के किसानों, युवाओं और महिलाओं की सामर्थ्य पर पूरा विश्वास है। इन्हीं वर्गों की ताकत के दम पर भारत अपने बड़े सपनों को साकार कर सकता है। पीएम का यह संदेश देश की युवा आबादी को विकास यात्रा का सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सुधारों को लेकर भी सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि सुधार उनके लिए सिर्फ कोई राजनीतिक नारा नहींयानी दृढ़ विश्वास है। देश अब ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार हो चुका है और लगातार बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है।पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ सरकार को ही नहीं, बल्कि हर व्यक्ति को अपनी सोच और अपने लक्ष्यों में भी सुधार करना होगा। बदलती दुनिया के साथ कदमताल करने के लिए नई सोच, नए हुनर और नए लक्ष्य जरूरी हैं। युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ना और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को डिजिटल बनाना इसी व्यापक बदलाव की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान खासकर उन छात्रों के लिए उम्मीद की नई किरण है, जो आर्थिक या भौगोलिक कारणों से बड़े कोचिंग संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते। अगर यह व्यवस्था व्यापक और प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के छात्रों को भी समान अवसर मिलने की संभावना बढ़ेगी।वहीं AI प्रशिक्षण की योजना भारत के रोजगार बाजार में आने वाले बदलावों को ध्यान में रखते हुए अहम हो सकती है। सिर्फ पारंपरिक डिग्री हासिल करना अब पर्याप्त नहीं माना जा रहा। तकनीकी कौशल, डिजिटल दक्षता और AI जैसी उभरती तकनीकों की समझ युवाओं के करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

लाल किले से प्रधानमंत्री का संदेश इस लिहाज से साफ रहा कि भारत के भविष्य की बुनियाद सिर्फ सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि देश के युवाओं की काबिलियत, किसानों की मेहनत और महिलाओं की भागीदारी से मजबूत होगी। मुफ्त कोचिंग और AI स्किल ट्रेनिंग के ऐलान ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में शिक्षा और रोजगार को खास जगह दी।‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बीच प्रधानमंत्री ने नई पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का संदेश दिया। एक तरफ देश अपनी विरासत और स्वतंत्रता संग्राम की यादों को संजो रहा है, तो दूसरी तरफ AI, डिजिटल शिक्षा और आधुनिक कौशल के जरिए भविष्य की नई इबारत लिखने की तैयारी भी दिखाई दे रही है।कुल मिलाकर लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी के ऐलान का सबसे बड़ा पैगाम यही है कि युवा सिर्फ नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नए भारत की तस्वीर गढ़ने वाले हुनरमंद नागरिक बनें। प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी और एक करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग देने की योजना इसी दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।