अशोक धाम की आस्था में मातम, लखीसराय भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत, PM मोदी ने जताया गहरा दुख
लखीसराय के अशोक धाम में हुई इस दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है।
Lakhisarai Stampede: सावन की तीसरी सोमवारी पर बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में आस्था का सैलाब देखते ही देखते चीख-पुकार और मातम में बदल गया। सोमवार सुबह करीब 6:40 बजे मंदिर परिसर और अशोक धाम हॉल्ट के आसपास भगदड़ मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे में अब तक 7 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 12 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की खबर सामने आते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि मृतकों की पहचान और हादसे की वास्तविक वजह की पड़ताल की जा रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच अचानक भगदड़ कैसे मची, इसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
PM मोदी ने जताया गहरा दुख
लखीसराय के अशोक धाम में हुई इस दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक एक्स अकाउंट से जारी संदेश में पीएम मोदी ने हादसे में हुई मौतों पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।पीएम मोदी ने कहा कि लखीसराय में भगदड़ से हुई मौतों की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने शोक की इस घड़ी में मृतकों के परिजनों के साथ संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है। सरकार और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी होने की जानकारी दी गई है।

आस्था के केंद्र में कैसे मची भगदड़?
सावन की सोमवारी को अशोक धाम में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ जुटी थी। इसी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
हादसे में कई श्रद्धालु जमीन पर गिर गए और भीड़ का दबाव बढ़ने से कुछ लोगों को गंभीर चोटें आईं। शुरुआती जानकारी में मृतकों में महिलाओं के शामिल होने की बात भी सामने आई है। हालांकि हादसे में मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
हादसे ने उठाए बड़े सवाल
अशोक धाम जैसी बड़ी धार्मिक जगह पर सावन की सोमवारी के दौरान भारी भीड़ जुटने की संभावना पहले से रहती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा इंतजाम और आपातकालीन निकासी व्यवस्था को लेकर है।भगदड़ की वजह क्या थी? क्या भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल और बैरिकेडिंग मौजूद थी? क्या श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए अलग-अलग रास्ते और सुरक्षित निकासी व्यवस्था बनाई गई थी? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।फिलहाल लखीसराय के अशोक धाम में आस्था का पर्व दर्दनाक हादसे में बदल गया है। जिन परिवारों के लोग भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए घर से निकले थे, उनके घर अब मातम पसरा है। प्रधानमंत्री मोदी की संवेदना के बीच अब निगाहें राहत-बचाव कार्य और हादसे की जांच पर टिकी हैं।