गुजरात में भ्रष्टाचार का 'भयानक विस्फोट, उद्घाटन से पहले ही ढही 15 मीटर ऊंची पानी की टंकी, 9 लाख लीटर पानी के दबाव में हुआ भीषण हादसा
गुजरात के सूरत में उद्घाटन से पहले ही 15 मीटर ऊंची पानी की टंकी ढहने से हड़कंप मच गया। 9 लाख लीटर पानी के दबाव में ढांचा पूरी तरह नष्ट हो गया, जिसके बाद पुलिस ने निर्माण में लापरवाही के आरोप में आपराधिक केस दर्ज किया है।
N4N Desk - गुजरात के सूरत जिले के तड़केश्वर गांव में एक नवनिर्मित पानी की टंकी के ढहने की घटना ने प्रशासनिक तंत्र और निर्माण गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। 15 मीटर ऊंची आरसीसी (RCC) संरचना वाली यह टंकी 19 जनवरी को अपनी पहली क्षमता जांच (Capacity Test) के दौरान पूरी तरह जमींदोज हो गई। गुजरात पुलिस ने इस घटना को राज्य प्रशासन के लिए एक 'बड़ी शर्मिंदगी' करार देते हुए आपराधिक मामला दर्ज कर गिरफ्तारियां शुरू कर दी हैं।
परीक्षण के दौरान हुआ हादसा
यह दुर्घटना उस समय हुई जब उद्घाटन से पहले टंकी को पहली बार पूरी क्षमता तक भरा जा रहा था। जैसे ही टंकी में करीब 9 लाख लीटर पानी भरा गया, ढांचा उस दबाव को सहन नहीं कर पाया और उद्घाटन से पहले ही ढह गया। टंकी के अचानक गिरने से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और लाखों लीटर पानी बहने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
तीन मजदूर घायल, मलबे की स्थिति भयावह
इस भीषण मलबे की चपेट में आने से वहां काम कर रहे तीन मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में मुड़े हुए स्टील के सरिये और कमजोर कंक्रीट साफ नजर आ रहे हैं, जो निर्माण में बरती गई भारी लापरवाही को दर्शाते हैं। मलबे की इस स्थिति ने निर्माण की गुणवत्ता पर आम जनता के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
घटिया सामग्री और भ्रष्टाचार के आरोप
प्रारंभिक जांच में निर्माण के दौरान घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और तकनीकी मानकों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगे हैं। अधिकारियों द्वारा की जा रही जांच में इस बात पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है कि क्या ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से गुणवत्ता के साथ समझौता किया गया था। पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि सार्वजनिक परियोजनाओं में जवाबदेही तय की जाए।
प्रशासनिक जवाबदेही और पुलिसिया कार्रवाई
टंकी के इस तरह ढह जाने से गुजरात की अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने लापरवाही और आपराधिक कृत्य के तहत मामला दर्ज कर जांच की गति तेज कर दी है। सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र लागू किया जाएगा और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।