Congress HQ पर ‘वंदे मातरम’ को लेकर विवाद, सोनिया गांधी के इशारे पर पार्टी ने दी सफाई

कांग्रेस ने कहा कि सोनिया गांधी का इशारा ‘वंदे मातरम’ के गायन को रोकने से संबंधित नहीं था। पार्टी के मुताबिक, उस समय पीछे कुछ हलचल हो रही थी और सोनिया गांधी यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही थीं

Vande Mataram Row at Congress HQ
Vande Mataram Row at Congress HQ- फोटो : news4nation

Congress :  स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में आयोजित समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण के गायन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। दावा किया गया कि कांग्रेस की ओर से पहले तय किया गया था कि कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के केवल शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाएंगे, लेकिन समारोह के दौरान गायकों ने पूरा ‘वंदे मातरम’ गाया। इस दौरान कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के एक इशारे को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। कार्यक्रम के वीडियो में सोनिया गांधी को गायन के दौरान कुछ संकेत करते हुए देखा गया। इसके बाद पार्टी की ओर से उनके बचाव में सफाई दी गई।


कांग्रेस ने कहा कि सोनिया गांधी का इशारा ‘वंदे मातरम’ के गायन को रोकने से संबंधित नहीं था। पार्टी के मुताबिक, उस समय पीछे कुछ हलचल हो रही थी और सोनिया गांधी यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही थीं कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था हो जाए। पार्टी ने कहा कि खड़गे उम्रदराज हैं और काफी देर से खड़े थे।


कांग्रेस के अनुसार, इसी दौरान ‘वंदे मातरम’ का गायन शुरू हो गया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी की गतिविधि का राष्ट्रगीत से कोई संबंध नहीं था और वह कार्यक्रम की व्यवस्था सुचारू रखने की कोशिश कर रही थीं। समारोह में मल्लिकार्जुन खड़गे ने तिरंगा फहराया। इस दौरान ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने से पार्टी की पूर्व निर्धारित व्यवस्था पर सवाल उठे। वीडियो में सोनिया गांधी को गायन की ओर देखते हुए और खड़गे से कुछ बातचीत करते हुए भी देखा गया।


वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए। सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के लिए कथित तौर पर उचित सीटिंग व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्होंने कार्यक्रम से दूरी बनाई। दोनों नेता 2025 में भी लाल किले के आधिकारिक समारोह में शामिल नहीं हुए थे।


कांग्रेस मुख्यालय के कार्यक्रम में राहुल गांधी भी मौजूद थे। ‘वंदे मातरम’ को लेकर सामने आए घटनाक्रम के बाद पार्टी ने सोनिया गांधी के इशारों को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए इसे सामान्य व्यवस्थागत गतिविधि बताया है।