Jharkhand Bandh: झारखंड में बवाल के बाद बंद का ऐलान, छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में BJP का आज राज्यव्यापी बंद, विधानसभा के पास भिड़े थे प्रदर्शनकारी-पुलिस
Jharkhand Bandh: भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है।....
Jharkhand Bandh: भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने छात्रों पर कथित पुलिस अत्याचार और लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बंद का ऐलान किया।
आदित्य साहू ने कहा कि राज्यव्यापी बंद सुबह 8 बजे से मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल, एंबुलेंस समेत सभी आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया।
दरअसल, सोमवार को झारखंड विधानसभा के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर टकराव हुआ। भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार की, आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा के पास लगाए गए बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद हालात बिगड़ गए और पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
इस झड़प में कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई में महिलाओं समेत कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है।
वहीं, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के आरोपों को लेकर अलग तस्वीर पेश की है। रांची के पुलिस अधीक्षक (शहर) पारस राणा के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की ओर से किए गए पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
छात्रों के आंदोलन और पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद अब भाजपा के बंद के ऐलान से राज्य की सियासत और गरमाने के आसार हैं। बंद के दौरान राजधानी रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में आवागमन और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।