झारखंड परीक्षा आंदोलन: भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों के बिगड़ते स्वास्थ्य के बीच सरकार लेगी बड़ा फैसला

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बुधवार को सदर अस्पताल पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मंगलवार शाम तबीयत बिगड़ने के बाद दो और छात्रों को अस्पताल लाया गया था

Jharkhand exam stir
Jharkhand exam stir - फोटो : news4nation

Jharkhand Protest :  झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। आंदोलन के तहत भूख हड़ताल पर बैठे चार छात्र फिलहाल रांची के सदर अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, चारों की हालत स्थिर है और डॉक्टर नियमित रूप से उनकी स्वास्थ्य जांच और निगरानी कर रहे हैं। छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे संगठनों और सरकार के बीच बातचीत का दौर भी जारी है।


JPSC-JSSC Reforms Manch की कोर कमेटी के एक सदस्य के अनुसार, भूख हड़ताल पर बैठीं हबीबा और राहुल क्रांति का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। हबीबा को मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि राहुल क्रांति को तबीयत बिगड़ने के बाद 7 अगस्त को अस्पताल लाया गया था। इनके अलावा देवेंद्र नाथ महतो और महेंद्र प्रताप भी भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में अनशन पर हैं और इसी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। दोनों JSSC-Chhatra Manch के बैनर तले आंदोलन कर रहे हैं।


सदर अस्पताल के उपाधीक्षक ने बताया कि चारों छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर है। उनकी समय-समय पर जांच की जा रही है और चिकित्सकों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने बताया कि देवेंद्र नाथ महतो अभी भी भूख हड़ताल पर हैं, हालांकि उनकी स्थिति स्थिर है। वहीं राहुल क्रांति ने डॉक्टरों की सलाह के बाद तरल आहार लेना शुरू कर दिया है। इसमें दूध और फलों का जूस शामिल है। क्रांति के मुताबिक, तरल आहार लेने के बाद उनकी तबीयत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।


देवेंद्र नाथ महतो पिछले 11 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। सोमवार को रांची में आंदोलनकारी छात्रों के विधानसभा मार्च में शामिल होने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रशासन ने उन्हें भोजन लेने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने भूख हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया।


वहीं पलामू जिले के रहने वाले राहुल क्रांति ने 4 अगस्त को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन शुरू किया था। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें 7 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की सलाह के बाद उन्होंने अब तरल आहार लेना शुरू कर दिया है।


झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बुधवार को सदर अस्पताल पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मंगलवार शाम तबीयत बिगड़ने के बाद दो और छात्रों को अस्पताल लाया गया था। मंत्री ने छात्रों से अपील की कि वे भूख हड़ताल कर अपनी जान जोखिम में न डालें। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले को लेकर एक टीम गठित की है और छात्रों के साथ बातचीत हुई है। आगे भी संवाद जारी रहेगा। सदर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी अमरेंद्र प्रसाद ने भी चारों छात्रों की हालत स्थिर बताई है। अस्पताल में इलाज और निगरानी लगातार जारी है।