आधी रात को पॉलिटिकल ड्रामा ! भाजपा सरकार में गृह मंत्री रहे नरोत्तम मिश्रा को हराने वाले कांग्रेस MLA की सदस्यता रद्द, दिन में सजा-रात में निकली चिट्ठी

वर्ष 1998 के एक एफडी में हेराफेरी मामले को लेकर गुरुवार को दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दोषी करार देते हुए 3 साल के कारावास की सजा सुनाई है.

Datia Congress MLA Rajendra Bharti
Datia Congress MLA Rajendra Bharti - फोटो : news4nation

Rajendra Bharti: वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के दतिया विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार और मध्य प्रदेश की तत्कालीन बीजेपी सरकार में गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा को पराजित कर विधायक बने कांग्रेस के राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता खत्म कर दी गई है. वर्ष 1998 के एक एफडी में हेराफेरी मामले को लेकर गुरुवार को दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दोषी करार देते हुए 3 साल के कारावास की सजा सुनाई है.


हालांकि सजा के तुरंत बाद राजेंद्र भारती को कोर्ट से जमानत मिल गई है, लेकिन इसी बीच गुरुवार रात रात करीब साढ़े दस बजे विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंचे. इसके बाद सचिवालय खोलकर भारती की सीट रिक्त घोषित करने का पत्र चुनाव आयोग को भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई. इस दौरान विधानसभा में जमकर आधी रात को पॉलिटिकल ड्रामा भी हुआ. देर रात सचिवालय खोलने की जानकारी जैसे ही कांग्रेस को मिली एमपी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अपनी टीम के साथ विधानसभा भवन पहुँच गए.


पटवारी ने आधी रात को दफ़्तर में बैठे विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा से पूछताछ शुरू कर दी. उन्होंने कहा कि हमारे पास स्टे है तो आप यहां क्या कर रहे हैं? पहली बार ऐसा हो रहा है कि आधी रात को किसी की सदस्यता समाप्त करने के लिए कार्रवाई की जा रही है. जीतू पटवारी के तेवर देख कर प्रमुख सचिव अपनी गाड़ी में बैठ कर निकल गए. लेकिन बाद में राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता खत्म करने की सूचना आई. 


क्या था आरोप?

वर्ष 1998 में जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (भूमि विकास बैंक) के अध्यक्ष थे, उन्होंने अपनी मां सावित्री श्याम के नाम पर 10 लाख रुपये की एफडी कराई थी. मूल रूप से यह एफडी तीन साल की अवधि और 13.5% ब्याज दर पर थी. आरोप है कि भारती ने बैंक कर्मचारी के साथ मिलकर दस्तावेजों में हेराफेरी की. एफडी की अवधि पहले 10 साल और फिर 15 साल कर दी गई. ब्याज दरें बाजार में घटने के बावजूद वे पूरे समय 13.5% ब्याज ही निकालते रहे, जिससे बैंक को नुकसान हुआ.


भाजपा नेता ने खोला राज 

यह फर्जीवाड़ा लंबे समय तक चलता रहा. साल 2011 में भाजपा नेता पप्पू पुजारी बैंक अध्यक्ष बने तो उन्होंने इस अनियमितता सामने आई. इसमें बाद मामला कोर्ट में गया और अब तीन साल की सजा राजेंद्र भारती को सुनाई गई है. 


सदस्यता पर संकट

नियमतः दो साल से अधिक की सजा होने के कारण भारती की विधानसभा सदस्यता पर अब खतरे के बादल मंडरा रहे हैं, लेकिन यदि वे अगले 60 दिनों के भीतर हाई कोर्ट में अपील कर सजा पर स्थगन प्राप्त कर लेते हैं, तो उनकी विधायकी सुरक्षित रह सकती है.