BMC Election 2026 : कौन बनेगा मुंबई का राजा?चार साल बाद महाराष्ट्र के 29 नगर निगम चुनावों के नतीजे आज, एग्जिट पोल में बीजेपी-शिंदे सेना का बीएमसी पर कब्जा

BMC Election 2026 : महाराष्ट्र में चार साल लंबी प्रतीक्षा के बाद 29 नगर निगमों के चुनावों के परिणाम आज (शुक्रवार) घोषित किए जा रहे हैं।...

Maharashtra 29 Civic Poll Results Today Maha Alliance Likely
चार साल बाद महाराष्ट्र के 29 नगर निगम चुनावों के नतीजे आज- फोटो : social Media

BMC Election 2026 : महाराष्ट्र में चार साल लंबी प्रतीक्षा के बाद 29 नगर निगमों के चुनावों के परिणाम आज (शुक्रवार) घोषित किए जा रहे हैं। राज्यभर के 893 वार्डों में कुल 15,931 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला सुबह 10 बजे से शुरू हुई वोट गिनती के साथ हो रहा है। दोपहर तक प्रमुख नतीजों के आने की संभावना है।

सबसे ज्यादा चर्चा बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के नतीजों की है। देश का सबसे अमीर नगर निगम होने के साथ इसका बजट 74,400 करोड़ रुपये से अधिक है। बीएमसी में 227 सीटों पर चुनाव हुए थे, जिनमें बहुमत के लिए 114 सीटें जरूरी हैं। एग्जिट पोल्स में महायुति (भाजपा + एकनाथ शिंदे की शिवसेना) को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है।

एग्जिट पोल्स के अनुसार:

भाजपा-शिंदे गठबंधन: 130–150 सीटें

उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) + राज ठाकरे की MNS गठबंधन: 58–68 सीटें

कांग्रेस + VBA गठबंधन: 12–16 सीटें

अन्य/निर्दलीय: 6–12 सीटें

महायुति को हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में अच्छा प्रदर्शन होने के कारण भी BMC में फायदा होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, ठाकरे भाइयों की एकजुटता के बावजूद उन्हें दूसरा स्थान मिलने का अनुमान है।

मुख्य गठबंधन इस प्रकार हैं:

महायुति: भाजपा (137 सीटों पर) + शिंदे शिवसेना (90 सीटों पर

महाविकास अघाड़ी (MVA): शिवसेना (UBT) (163 सीटों पर) + MNS (52 सीटों पर)

कांग्रेस गठबंधन: कांग्रेस (143 सीटों पर) + VBA (46 सीटों पर)

अजित पवार एनसीपी: अकेले लड़े, 94 सीटों पर उम्मीदवार

मतदान 15 जनवरी को हुआ था, जिसमें मुंबई में औसतन 41–50% मतदान दर्ज हुआ। कुल 3.5 करोड़ से अधिक मतदाता पात्र थे। नतीजे सिर्फ मुंबई ही नहीं, बल्कि पुणे, नागपुर, नासिक, ठाणे, नवी मुंबई, पिंपरी-चिंचवड़, कल्याण-डोंबिवली जैसे अन्य नगर निगमों के लिए भी आज घोषित किए जा रहे हैं।

2017 के बाद बीएमसी चुनाव पहली बार हो रहे हैं क्योंकि 2022 में वार्ड सीमांकन और अन्य प्रक्रियाओं के कारण चुनाव टल गए थे। वार्ड संख्या 227 ही रही, क्योंकि 227 से 236 करने का प्रस्ताव पास नहीं हुआ। इस बार महायुति के मजबूत दावेदार होने से बीएमसी में उनकी बहुमत की संभावना मजबूत नजर आ रही है।