मुंबई में चला मोदी-शिंदे का जादू! ठाकरे बंधुओं की एकजुटता फेल? 227 वार्डों वाली बीएमसी में बहुमत के पार महायुति, मातोश्री की टेंशन
श की सबसे अमीर महानगरपालिका (BMC) समेत महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के लिए गुरुवार को मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। मतदान खत्म होते ही आए Axis My India के एग्जिट पोल्स ने मुंबई की सियासी हलचल तेज कर दी है
Mumbai - :: देश की सबसे अमीर नगरपालिका, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) समेत महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के लिए मतदान की प्रक्रिया गुरुवार शाम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। मतदान खत्म होते ही सामने आए एग्जिट पोल्स ने मुंबई की सियासत में हलचल तेज कर दी है। एक्सिस माई इंडिया (Axis My India) के आंकड़ों के मुताबिक, बीएमसी में एक बार फिर 'महायुति' (BJP-शिंदे सेना) का परचम लहराता दिख रहा है, जबकि ठाकरे बंधुओं की एकजुटता का जादू चलता नजर नहीं आ रहा है।
एग्जिट पोल के आंकड़े: महायुति को स्पष्ट बहुमत
एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक, बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन (BJP+) को बीएमसी के 227 वार्डों में से 131 से 151 सीटें मिलने का अनुमान है। बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता है, जिसे महायुति आसानी से पार करती दिख रही है। दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की मनसे (MNS) के गठबंधन को मात्र 58 से 68 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है, जो उनके पिछले प्रदर्शन के मुकाबले बड़ा झटका माना जा रहा है।
विभिन्न सर्वे एजेंसियों के रुझान
विभिन्न एजेंसियों के पोलिंग सर्वे में भी कमोवेश यही स्थिति नजर आ रही है:
एक्सिस माई इंडिया: भाजपा+ को 150, शिवसेना (यूबीटी)+ को 60, कांग्रेस+ को 12 और अन्य को 5 सीटें मिलने का अनुमान है।
जेवीसी (JVC): भाजपा+ को 138, शिवसेना (यूबीटी)+ को 59, कांग्रेस+ को 23 और अन्य को 7 सीटें दी हैं।
जनमत: भाजपा+ को 138, शिवसेना (यूबीटी)+ को 62, कांग्रेस+ को 20 और अन्य को 7 सीटें मिलने का दावा कर रहा है।
चार साल की देरी के बाद हुआ मतदान
बीएमसी का यह चुनाव तकनीकी और कानूनी कारणों से करीब चार साल की देरी से संपन्न हुआ है। पिछला चुनाव 2017 में हुआ था और नियमानुसार अगला चुनाव 2022 में होना था। हालांकि, उस दौरान वार्ड सीमाओं के पुनर्विन्यास और सीटों की संख्या को 227 से बढ़ाकर 236 करने के प्रस्ताव के कारण चुनाव प्रक्रिया टलती रही। लंबी कानूनी लड़ाई और सीमाओं के विवाद के बाद आखिरकार गुरुवार को मुंबई की जनता ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
ठाकरे परिवार के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई
यह चुनाव ठाकरे परिवार, विशेषकर उद्धव ठाकरे के लिए साख की लड़ाई माना जा रहा है। दशकों तक बीएमसी पर राज करने वाली शिवसेना के विभाजन के बाद यह पहला बड़ा नगर निगम चुनाव है। एग्जिट पोल के नतीजे बताते हैं कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के एक साथ आने के बावजूद मतदाता महायुति के विकास के एजेंडे पर अधिक भरोसा कर रहे हैं। यदि ये आंकड़े नतीजों में बदलते हैं, तो यह मुंबई में ठाकरे ब्रांड के लिए एक गंभीर चुनौती होगी।
शुक्रवार सुबह शुरू होगी मतगणना
बीएमसी के 227 वार्डों के लिए मैदान में उतरे करीब 1,700 उम्मीदवारों की किस्मत अब ईवीएम में कैद है। अब सबकी नजर शुक्रवार सुबह 10 बजे शुरू होने वाली मतगणना पर टिकी है। यह मतगणना तय करेगी कि मायानगरी मुंबई में सत्ता का ताज किसके सिर सजेगा और क्या ठाकरे अपना आखिरी किला बचा पाएंगे या बीजेपी-शिंदे गठबंधन मुंबई की सत्ता पर काबिज होगा।