11 दिन में 'पैसा डबल' करने के झांसे में आए डॉक्टर साहब, 12.31 करोड़ की महाठगी

पुणे के एक 75 वर्षीय डॉक्टर से 12.31 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई है। जालसाजों ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 11 दिनों में पैसा दोगुना करने का लालच दिया था। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

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डॉक्टर से 12.31 करोड़ की ठगी- फोटो : grow

N4N Desk - : महाराष्ट्र के पुणे से साइबर अपराध का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 75 वर्षीय बुजुर्ग डॉक्टर को डिजिटल जालसाजों ने अपना शिकार बनाया। ठगों ने डॉक्टर को महज 11 दिनों में निवेश की गई रकम को दोगुना करने का लालच देकर 12.31 करोड़ रुपये हड़प लिए। जालसाजों ने पीड़ित को इतना बड़ा सपना दिखाया कि उन्हें यकीन दिला दिया गया कि उनका निवेश जल्द ही 54 करोड़ रुपये के भारी-भरकम रिटर्न में बदल जाएगा। भारी मुनाफे के इस मायाजाल में फंसकर डॉक्टर कई हफ्तों तक किस्तों में पैसे ट्रांसफर करते रहे।

'VIP Stock 24' ग्रुप से शुरू हुआ धोखाधड़ी का खेल

ठगी के इस सिलसिले की शुरुआत इस साल जनवरी में हुई थी। डॉक्टर के पास एक अनजान नंबर से मैसेज आया, जिसमें शेयर बाजार के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का ऑफर दिया गया था। जैसे ही डॉक्टर ने इसमें दिलचस्पी दिखाई, उन्हें "VIP Stock 24" नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल कर दिया गया। इस ग्रुप में जालसाजों ने निवेश की ऐसी लुभावनी योजनाएं साझा कीं, जो देखने में बिल्कुल असली और बेहद फायदेमंद लग रही थीं। आरोपियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि अगर वे बताए गए निर्देशों का पालन करेंगे, तो 11 दिनों के भीतर ही मालामाल हो जाएंगे।

प्रतिष्ठित फर्म के नाम से मिलता-जुलता फर्जी ट्रेडिंग ऐप

पुलिस जांच में सामने आया कि विश्वास जीतने के लिए जालसाजों ने एक फर्जी ट्रेडिंग एप्लिकेशन का सहारा लिया, जिसका नाम एक अंतरराष्ट्रीय निवेश फर्म से काफी मिलता-जुलता था। डॉक्टर को इस ऐप पर अपनी निजी और वित्तीय जानकारी साझा करने के लिए कहा गया। जैसे ही उन्होंने निवेश शुरू किया, ऐप पर फर्जी 'प्रॉफिट' (मुनाफा) दिखने लगा। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर जो भी पैसा ट्रांसफर करते थे, वह इस ऐप के डैशबोर्ड पर निवेश के रूप में प्रदर्शित होता था, जिससे पीड़ित को लगा कि उनका पैसा सुरक्षित है और बढ़ रहा है।

8 बैंक खातों में 12 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन

जालसाजों के निर्देश पर डॉक्टर ने महज 11 दिनों (7 मार्च से 18 मार्च) के भीतर आठ अलग-अलग बैंक खातों में कुल 12.31 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। जब डॉक्टर ने इतनी बड़ी रकम देने के बाद और पैसे लगाने में हिचकिचाहट दिखाई, तो जालसाजों ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। ठगों ने उन्हें डराना शुरू किया और उनकी संपत्तियां जब्त करने की धमकी दी। इसी डर और दबाव में आकर डॉक्टर और भी पैसे ट्रांसफर करने पर मजबूर हो गए।

रिटर्न न मिलने पर खुला राज, पुलिस में शिकायत दर्ज

लगभग तीन महीनों तक उम्मीद और डर के बीच झूलते हुए पीड़ित डॉक्टर पैसे भेजते रहे। लेकिन जब वादे के मुताबिक रिटर्न मिलने का समय आया, तो जालसाजों ने भुगतान करने के बजाय और पैसों की मांग जारी रखी। कोई भी रकम वापस न मिलने पर डॉक्टर को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुणे साइबर पुलिस से संपर्क किया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर उन बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है, जिनमें करोड़ों की यह राशि ट्रांसफर की गई थी।