लापता पति की वापसी से उलझी जिंदगी, 25 साल बाद लौटा मरा हुआ हमसफर, अब पत्नी के सामने खड़ा हुआ ये बड़ा सवाल

पत्नी को 25 साल बाद लौटे मरे हुए हमसफर को देखकर ऐसा लगा कि ज़िंदगी की किताब में कुछ पन्ने ऐसे होते हैं, जिन्हें पढ़कर दिल भी सिहर उठता है और दिमाग भी ठहर जाता है।

Missing Husband Returns After 25 Years
किस्मत ने उलट दी रिश्तों की किताब - फोटो : X

Book of Relationships: जिस शख़्स को लोग फटेहाल समझकर नजरें फेर रहे थे, वही किसी मां की आंखों का नूर निकला।ये कहानी किसी फ़िल्मी अफसाने से कम नहीं। धूल-धक्कड़ में लिपटा, बिखरी दाढ़ी और खोई हुई निगाहें… लोगों ने समझा कोई बेघर मुसाफ़िर है। मगर बिजनौर के नहटौर बाज़ार में पुलिस ने जब इंसानियत का दामन थामा, तो एक ऐसा राज खुला जिसने सबको हैरत में डाल दिया। थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह ने उस शख्स को नहलवाया, नए कपड़े पहनाए और मोहब्बत से बातों का सिलसिला शुरू किया। टूटी-फूटी ज़ुबान में निकला नाम हंसा सिंह। और फिर धीरे-धीरे यादों के धुंधलके से उभरी एक दास्तान पंजाब के कपूरथला का शिवदयाल वाला गांव।

पुलिस ने गूगल, जबान और जहन तीनों का इस्तेमाल किया, और 72 घंटों में वो कर दिखाया जो बरसों में न हो सका। जब मां जट्टो कौर ने फोन पर बेटे की आवाज सुनी, तो अल्फ़ाज़ कांप उठे, मरने से पहले मेरा बेटा मिल गया…, एक मां की रूह की सुकून भरी दास्तान थी।

असली पेच तो अब शुरू होता है। हंसा के गुमशुदा होने के बाद, तीन साल की तन्हाई और इंतज़ार के बाद घरवालों ने उसे मरा हुआ मान लिया। उसकी बीवी विमला देवी की ज़िंदगी को फिर से संवारने के लिए उसकी शादी उसके छोटे भाई सुखा सिंह से कर दिया गया। अब 22 साल बाद जब हंसा ज़िंदा लौट आया, तो रिश्तों की सारी परिभाषाएं उलझ गईं।

विमला आज एक अजीब दोराहे पर खड़ी है एक तरफ वो शख़्स जो कभी उसका पति था, दूसरी तरफ़ वो जिसके साथ उसने पूरी उम्र गुज़ारी, बच्चे पैदा किए, घर बसाया। ये किस्सा सिर्फ़ एक इंसान की वापसी का नहीं, बल्कि तक़दीर के उस तंज़ का है, जो इंसानी समझ से कहीं आगे निकल जाता है। बिजनौर की ये दास्तान अब हर ज़ुबान पर है कोई इसे करिश्मा कह रहा है, तो कोई क़िस्मत का क्रूर मज़ाक। मगर एक बात तय है ज़िंदगी की किताब में कुछ पन्ने ऐसे होते हैं, जिन्हें पढ़कर दिल भी सिहर उठता है और दिमाग भी ठहर जाता है।