कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसा: उद्योगपति के बेटे शिवम मिश्रा गिरफ्तार, ड्राइविंग को लेकर दावों पर विवाद
ग्वालटोली इलाके में हुए भीषण लैंबॉर्गिनी हादसे के मामले में कानपुर पुलिस ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की।
Lamborghini accident : कानपुर में चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे के मामले में पुलिस ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मशहूर तंबाकू कारोबारी के.के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। 8 फरवरी को वीआईपी रोड पर हुई इस दुर्घटना में छह लोग घायल हो गए थे और कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे।
घटना दोपहर करीब तीन बजे की है, जब करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की लग्जरी कार लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो अनियंत्रित होकर पैदल राहगीरों और अन्य वाहनों से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार डिवाइडर पर चढ़कर रुक गई। मामले में 18 वर्षीय ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब मोहन नामक व्यक्ति ने खुद को चालक बताते हुए दावा किया कि हादसे के समय वह गाड़ी चला रहा था। उसका कहना था कि शिवम को अचानक दौरा पड़ा और वह उसके ऊपर गिर पड़े, जिससे कार अनियंत्रित हो गई। मोहन ने अदालत में आत्मसमर्पण की अर्जी भी दी, लेकिन पुलिस रिपोर्ट में उसका नाम आरोपी के रूप में नहीं होने के कारण कोर्ट ने सरेंडर स्वीकार नहीं किया और विस्तृत रिपोर्ट तलब की।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्य स्पष्ट रूप से संकेत करते हैं कि हादसे के समय शिवम ही ड्राइविंग सीट पर थे। कुछ वीडियो में टक्कर के तुरंत बाद लोगों को ड्राइवर सीट से एक युवक को बाहर निकालते हुए देखा गया है, जिसे शिवम बताया जा रहा है। शुरुआती एफआईआर अज्ञात चालक के खिलाफ दर्ज हुई थी, लेकिन बाद में शिवम को नामजद किया गया। कार को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
बचाव पक्ष का दावा है कि शिकायतकर्ता समझौते के लिए तैयार है और आगे कार्रवाई नहीं चाहता। हालांकि, पुलिस ने इन दावों को महत्व नहीं देते हुए कहा है कि तकनीकी और दृश्य साक्ष्य शिवम के खिलाफ हैं। परिवार का कहना है कि शिवम को मिर्गी की बीमारी है और उनका इलाज चल रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि जांच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।