चिमनी गिरने से 4 मजदूरों की मौत पर विधायक का अजीबोगरीब बयान, बोले- दुर्गा सप्तमी के दिन हुई मौत

विधायक ने कहा, “बाकी लोग ढांचे को गिरते देखकर बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन चार लोग नहीं बच सके। उनकी मौत दुर्गा पूजा की सप्तमी के दिन हुई।

Asansol Factory Accident
Asansol Factory Accident- फोटो : news4nation

Asansol chimney collapse : एक निजी स्पंज आयरन फैक्ट्री में निर्माणाधीन चिमनी गिरने से चार मजदूरों की मौत के बाद जमुरिया के विधायक बिजन मुखर्जी के बयान पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि चार मजदूरों को नहीं बचाया जा सका और उनकी मौत दुर्गा पूजा की सप्तमी के दिन हुई। हादसे के बीच मौत के दिन का इस तरह उल्लेख करने को असंवेदनशील टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल के आसनसोल में दुर्गा पूजा की सप्तमी की रात हुए इस हादसे के बाद विधायक के इस बयान को लेकर स्थानीय लोगों में गुस्सा देखा गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद जहां मृतकों के परिवारों में मातम है, वहीं विधायक इसे सप्तमी के दिन हुई मृत्यु बता रहे हैं। 

 

मलबे में दब गए थे मजदूर

घटना जमुरिया स्थित श्याम एसईएल (Shyam SEL) की फैक्ट्री की है, जहां चिमनी बनाने का काम चल रहा था। सप्तमी की रात कई मजदूर काम में जुटे थे, तभी अचानक चिमनी भरभराकर गिर गई। तेज आवाज सुनकर फैक्ट्री के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। बाद में पुलिस, अग्निशमन विभाग और आपदा राहत की टीमें भी पहुंचीं।


रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे से पांच मजदूरों को निकालकर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने चार को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल पांचवें मजदूर को दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में सुकांत पाल और बलराम मंडल की पहचान हुई है। दोनों कथित तौर पर जमुरिया के निवासी थे। तीसरा मृतक असम का रहने वाला बताया जा रहा है, जबकि चौथे मजदूर की पहचान अभी नहीं हो सकी है।


विधायक बोले- अपने चार भाइयों को नहीं बचा सके

हादसे के बाद विधायक बिजन मुखर्जी और आसनसोल-दुर्गापुर के पुलिस कमिश्नर प्रणब कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। विधायक ने कहा, “बाकी लोग ढांचे को गिरते देखकर बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन चार लोग नहीं बच सके। उनकी मौत दुर्गा पूजा की सप्तमी के दिन हुई। यह बहुत दुखद घटना है। हमने सभी को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अपने चार भाइयों को नहीं बचा सके।”


सुरक्षा मानकों की होगी जांच

निर्माण कार्य में लापरवाही के सवाल पर विधायक ने कहा कि श्याम एसईएल एक जानी-मानी कंपनी है और वहां काम करने वाले मजदूर प्रशिक्षित हैं। उनके अनुसार, कंक्रीट हाल ही में डाला गया था और किसी तकनीकी समस्या के कारण हादसा हुआ हो सकता है। उन्होंने सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल की भी बात कही। 


चिमनी गिरने की वास्तविक वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। इसमें निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन और संभावित लापरवाही की पड़ताल की जाएगी। हादसे के बाद फैक्ट्री के बाहर स्थानीय लोगों और मजदूरों ने आक्रोश जताया। मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और घायल मजदूर के इलाज को लेकर भी प्रबंधन से बातचीत की जाएगी।