ममता सरकार के खिलाफ BJP ने जारी की ‘चार्जशीट’, घुसपैठ और भ्रष्टाचार पर अमित शाह ने साधा निशाना

अमित शाह ने कहा कि बंगाल में पिछले 15 वर्षों में डर, भ्रष्टाचार और हिंसा की राजनीति स्थापित हो चुकी है। शाह ने दावा किया कि टीएमसी की सत्ता झूठ, डर और हिंसा के आधार पर टिकी है

 Amit Shah targets Mamata government
Amit Shah targets Mamata government- फोटो : news4nation

Mamata Banerjee : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कोलकाता में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने बंगाल में भाजपा की ओर से एक विस्तृत “चार्जशीट” भी जारी की, जिसमें राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए गए। 


BJP की चार्जशीट: ममता सरकार पर बड़े आरोप

अमित शाह ने कहा कि बंगाल में पिछले 15 वर्षों में डर, भ्रष्टाचार और हिंसा की राजनीति स्थापित हो चुकी है। शाह ने दावा किया कि टीएमसी की सत्ता झूठ, डर और हिंसा के आधार पर टिकी है, लेकिन भाजपा 2011 से इसके खिलाफ संघर्ष कर रही है और इस बार राज्य में सरकार बनाएगी। भाजपा की चार्जशीट में प्रमुख आरोप इस प्रकार हैं: राज्य में “सिंडिकेट राज” स्थापित किया गया, बंगाल “भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला” बन चुका है, सफेदपोश अपराधियों की सिस्टम में घुसपैठ, कट मनी” संस्कृति आम हो गई है, उद्योगों के लिए बंगाल “ग्रेवयार्ड” बन गया है, घुसपैठियों को संरक्षण दिया जा रहा है, तुष्टिकरण सरकार की नीति बन गई है. 


घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा


अपने भाषण में अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि पूरे देश में न्यायिक सुरक्षा निरीक्षण (SIR) का अभ्यास किया गया, लेकिन केवल पश्चिम बंगाल में ही न्यायिक अधिकारियों की तैनाती की जरूरत पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि असम में भाजपा सरकार आने के बाद घुसपैठ लगभग खत्म हो गई, लेकिन अब देश में घुसपैठ का मुख्य रास्ता सिर्फ बंगाल ही बचा है।


उन्होंने कहा कि “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बंगाल का चुनाव बेहद अहम है, क्योंकि पूरे पूर्वी क्षेत्र की सुरक्षा इससे जुड़ी हुई है।” शाह ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार बनने पर “घुसपैठियों को मतदाता सूची से हटाने के साथ-साथ देश से बाहर भी किया जाएगा।”


ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत हमला

भाषण के दौरान अमित शाह ने ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत कटाक्ष करते हुए कहा कि वह हमेशा “पीड़ित होने का नाटक” करती हैं। उन्होंने कहा, “कभी उनका पैर टूट जाता है, कभी उनके सिर पर पट्टी बंधी होती है, कभी वह बीमार पड़ जाती हैं, और फिर चुनाव आयोग के सामने असहायता दिखाते हुए संस्था को दोष देती हैं।” शाह ने दावा किया कि बंगाल की जनता अब इस तरह की राजनीति को समझ चुकी है और इस बार बदलाव के लिए तैयार है।


चुनावी माहौल गरम

बंगाल में चुनाव की घोषणा के बाद भाजपा पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुकी है। शाह ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में सरकार बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ें। कुल मिलाकर, अमित शाह के इस दौरे और चार्जशीट जारी करने से पश्चिम बंगाल का चुनावी माहौल और गरमा गया है, जहां अब मुकाबला और भी तीखा होता नजर आ रहा है।