फलता में कमल खिलना तय, भाजपा ने रचा इतिहास, पहली बार ममता बनर्जी को लगा इतना बड़ा झटका
Falta Re-polling Counting : पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान की मतगणना में भाजपा ने बड़ी बढ़त बना ली है। 10वें राउंड की गिनती पूरी होने के बाद भाजपा प्रत्याशी देवांशु पांडा जीत की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, भाजपा उम्मीदवार को अब तक 72,082 वोट मिल चुके हैं और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर 44,891 वोटों की भारी बढ़त बना ली है।
सीपीआई (एम) उम्मीदवार शंभूनाथ 27,191 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर चल रहे हैं। वहीं, मतदान से पहले चुनाव मैदान छोड़ने का ऐलान करने वाले तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान को अब तक 3,870 वोट मिले हैं।

फलता विधानसभा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान कराया गया था। इससे दो दिन पहले टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान ने चुनाव से हटने का एलान कर दिया था, जिससे राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए थे। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इसे उनका व्यक्तिगत फैसला बताया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उम्मीदवार के हटने के बाद भाजपा के लिए मुकाबला काफी आसान हो गया।
21 मई को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हुआ था। शाम पांच बजे तक 86.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 29 अप्रैल को हुए पहले मतदान की तुलना में थोड़ा कम था। दरअसल, 29 अप्रैल को हुए चुनाव में ईवीएम में इत्र जैसी वस्तुएं डालने और एडहेसिव टेप लगाने के आरोप लगे थे। विवाद बढ़ने के बाद चुनाव आयोग ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए फलता में पुनर्मतदान कराने का आदेश दिया था।
री-पोलिंग के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। 285 मतदान केंद्रों पर केंद्रीय बलों की 35 कंपनियां तैनात की गई थीं। मतदान के दौरान कई केंद्रों पर लंबी कतारें भी देखने को मिली थीं।
फलता सीट का परिणाम राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। यदि भाजपा यहां जीत दर्ज करती है तो पश्चिम बंगाल विधानसभा में उसकी सीटों की संख्या बढ़कर 207 हो जाएगी। भाजपा ने 2026 विधानसभा चुनाव में 207 सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन Suvendu Adhikari ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव जीतने के बाद नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी, जिससे पार्टी की प्रभावी संख्या कम हो गई थी।