'सिर काटकर टेबल पर रख देना चाहिए' अमित शाह पर महुआ के बयान से मचा बवाल, बंगाल से दिल्ली तक सियासत में भूचाल, भाजपा ने थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी

तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधे-सीधे निशाना साधते हुए कहा कि “‘अमित शाह का सिर काटकर टेबल पर रखना चाहिए’...

Mahua moitra on amit shah
'सिर काटकर टेबल पर रख देना चाहिए'- फोटो : Google

Mahua moitra on amit shah: पश्चिम बंगाल की राजनीति का पारा आसमान पर है। तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा ने एक बार फिर विवादित तेवर दिखाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। घुसपैठ रोकने में नाकामी का आरोप तो लगाया ही, लेकिन इस बार उन्होंने ज़ुबान की सारी सीमाएं लांघ दीं। महुआ ने कहा कि अगर भारत की सीमाओं की रक्षा कोई नहीं कर रहा, अगर रोज़ लाखों की संख्या में घुसपैठिये आ रहे हैं, हमारी माताओं-बहनों पर बुरी नज़र डाल रहे हैं और जमीनें छीन रहे हैं, तो सबसे पहले अमित शाह का सिर काटकर टेबल पर रख देना चाहिए।

इस धमाकेदार बयान के बाहर आते ही दिल्ली से लेकर कोलकाता तक सियासी हलचल तेज हो गई। भाजपा ने महुआ की टिप्पणी को “अप्रिय, जहरीली और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ” बताते हुए कड़ा पलटवार किया।

भाजपा प्रवक्ता और राजनीतिक विश्लेषक प्रदीप भंडारी ने X पर लिखा कि “‘अमित शाह का सिर काटकर टेबल पर रखना चाहिए’—महुआ मोइत्रा का यह बयान राजनीति से कहीं आगे जाकर उनकी जहरीली मानसिकता को उजागर करता है। ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC का स्तर लगातार गिरता जा रहा है।”

दरअसल, नादिया जिले में एक कार्यक्रम के दौरान महुआ ने केंद्र सरकार पर सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद लालकिले से मान चुके हैं कि बांग्लादेश से लगातार घुसपैठ हो रही है और डेमोग्राफी बदल रही है। लेकिन उस समय गृह मंत्री अमित शाह ताली बजाकर और मुस्कुराकर बैठे रहे, मानो यह कोई मज़ाक हो।

महुआ यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने सीधे सवाल दागा “जब गृह मंत्रालय अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहा, जब प्रधानमंत्री मानते हैं कि घुसपैठ से जनता परेशान है, तो गलती जनता की है या गृह मंत्री की?” उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा पर बीएसएफ होने के बावजूद लोग असुरक्षित हैं, और केंद्र की नीतियों ने बांग्लादेश से रिश्तों को बिगाड़ दिया है।

भाजपा ने इसे गंभीर हमला मानते हुए तृणमूल कांग्रेस से सफाई मांगी है कि क्या महुआ का यह बयान पार्टी का आधिकारिक रुख है या सिर्फ़ उनकी व्यक्तिगत भड़ास। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक राजनीति को कलंकित करती है।

बंगाल की राजनीति में आग लग चुकी है। एक ओर भाजपा आक्रामक तेवर में है, वहीं तृणमूल कांग्रेस केंद्र सरकार पर घुसपैठ रोकने में नाकामी का ठीकरा फोड़ते हुए इसे और भुनाने की तैयारी कर रही है।निस्संदेह, महुआ मोइत्रा का यह बयान आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक राजनीति का बड़ा मुद्दा बनने वाला है।