Railway News : आरा को मिली 'स्मार्ट' रेलवे की सौगात, महाप्रबंधक ने किया मशीन लर्निंग डिवाइस का उद्घाटन, अब तकनीक रोकेगी रेल हादसे
Railway News : पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (GM) छत्रसाल सिंह ने आरा के कोचिंग डिपो में स्थापित 'मशीन लर्निंग' आधारित अत्याधुनिक डिवाइस का विधिवत उद्घाटन किया।
ARA : पूर्व मध्य रेलवे के आरा स्टेशन पर सोमवार को रेल आधुनिकीकरण और सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (GM) छत्रसाल सिंह ने आरा के कोचिंग डिपो में स्थापित 'मशीन लर्निंग' आधारित अत्याधुनिक डिवाइस का विधिवत उद्घाटन किया। इस तकनीक के साथ आरा कोचिंग डिपो पूर्व मध्य रेलवे का ऐसा पहला केंद्र बन गया है, जहाँ ट्रेनों के रखरखाव और सुरक्षा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का सहारा लिया जाएगा।
महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने डिवाइस की कार्यप्रणाली का निरीक्षण करते हुए बताया कि यह तकनीक मुख्य रूप से रेल संरक्षा (Safety) को अभेद्य बनाने के लिए लगाई गई है। अब तक रेल कोचों की जांच और सुरक्षा की मॉनिटरिंग काफी हद तक मानवीय प्रयासों पर निर्भर थी, लेकिन इस मशीन लर्निंग डिवाइस के आने से कर्मचारियों को सटीक तकनीकी डेटा मिलेगा। यह सिस्टम रेल कोचों में संभावित सूक्ष्म खामियों को भी समय रहते पहचान लेगा, जिससे किसी भी बड़े हादसे की आशंका को शून्य किया जा सकेगा।
इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता इसका 'रियल टाइम' मॉनिटरिंग सिस्टम है। यदि कोई ट्रेन परिचालन में है और उस समय मौके पर कोई तकनीकी कर्मचारी मौजूद नहीं भी है, तो भी यह डिवाइस कोच की स्थिति की सूचनाएं तुरंत आरा कंट्रोल रूम सहित देश के अन्य प्रमुख केंद्रों तक भेज देगी। इससे चलती ट्रेन में आने वाली तकनीकी समस्याओं पर भी तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे यात्रियों का सफर और अधिक सुरक्षित होगा।
कार्यकुशलता के मोर्चे पर भी यह डिवाइस क्रांतिकारी साबित होगी। महाप्रबंधक ने बताया कि मशीन लर्निंग तकनीक के उपयोग से ट्रेनों के अनुरक्षण (Maintenance) में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी। कम समय में बेहतर जांच होने से ट्रेनों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ रेल परिचालन को होगा। इससे ट्रेनों के विलंब होने की समस्या कम होगी और परिचालन व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाया जा सकेगा।
उद्घाटन समारोह के दौरान रेलवे के कई वरीय अधिकारी, विशेषज्ञ इंजीनियर और डिपो कर्मचारी उपस्थित रहे। महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि आरा का यह कोचिंग डिपो अब पूर्व मध्य रेलवे के लिए एक 'मॉडल' के रूप में कार्य करेगा। आने वाले समय में यहाँ की सफलता को देखते हुए इस तकनीक का विस्तार अन्य डिपो में भी किया जाएगा। इस पहल से भविष्य में यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और समयबद्ध रेल सेवा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
आशीष की रिपोर्ट