Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर पर सियासी और सामाजिक समर्थन तेज, विधायक पप्पू पाण्डेय से लेकर पवन सिंह की पत्नी तक पहुंचे पीड़ित परिवार के दरवाजे
Bharat Tiwari Encounter: गोपालगंज जिले के कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से विधायक अमरेन्द्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय और पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह बिलौटी गांव पहुंचे...
Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर जिले के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बड़ा स्वरूप अख्तियार कर लिया है। कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई भरत तिवारी की मौत के बाद जहां परिजन लगातार इंसाफ की मांग कर रहे हैं, वहीं अब जनप्रतिनिधियों और चर्चित हस्तियों का उनके घर पहुंचने का सिलसिला भी तेज हो गया है। इससे यह मामला केवल कानूनी जांच तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि जनभावनाओं और सियासी बहस का भी केंद्र बनता जा रहा है।
इसी क्रम में गोपालगंज जिले के कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से विधायक अमरेन्द्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय बिलौटी गांव पहुंचे और भरत तिवारी के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि न्याय की लड़ाई में वह उनके साथ खड़े हैं। विधायक ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने ग्रामीणों और समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से नजर रखे हुए है। किसी को घबराने या तनाव लेने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि न्यायिक प्रक्रिया अपना काम कर रही है और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।
वहीं, भोजपुरी फिल्म जगत से जुड़ी चर्चित शख्सियत और भोजपुरी अभिनेता-गायक पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह भी मंगलवार को बिलौटी गांव पहुंचीं। उन्होंने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली और परिवार के दुख में अपनी संवेदना प्रकट की।
परिजनों के साथ लंबी बातचीत के दौरान ज्योति सिंह भावुक दिखाई दीं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की नाइंसाफी हुई है तो दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना केवल प्रशासन की ही नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में लगातार बढ़ते जनसमर्थन, राजनीतिक हस्तक्षेप और चर्चित हस्तियों की सक्रियता ने इस प्रकरण को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। अब लोगों की निगाहें न्यायिक जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। परिजन लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक वर्गों से उन्हें समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। ऐसे में यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा का विषय बना रह सकता है।