Bhojpur Encounter Case: भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में महापंचायत से इंसाफ की हुंकार के बाद टूटी एसपी की नींद, रात के अंधेरे में सात दिन बाद पीड़ित परिवार के दरवाजे पहुंचे भोजपुर के पुलिस अधीक्षक

Bhojpur Encounter Case: बढ़ते जनदबाव के बीच आखिरकार घटना के सात दिन बाद रात में भोजपुर के पुलिस अधीक्षक श्री राज देर रात पीड़ित परिवार से मिलने बेलौटी गांव पहुंचे।...

Bhojpur Encounter Case: भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में  मह
महापंचायत से इंसाफ की हुंकार के बाद टूटी एसपी की नींद- फोटो : social Media

Bhojpur Encounter Case:भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले ने अब महज एक आपराधिक घटना का दायरा पार कर राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी भूचाल का रूप ले लिया है। पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे गंभीर सवालों, परिजनों के सनसनीखेज आरोपों और जनता के बढ़ते गुस्से के बीच आखिरकार घटना के सात दिन बाद भोजपुर के पुलिस अधीक्षक  श्री राज देर रात पीड़ित परिवार से मिलने बेलौटी गांव पहुंचे। हालांकि तब तक हालात इतने गर्म हो चुके थे कि पुलिस प्रशासन की सफाई लोगों के गुस्से को शांत नहीं कर सकी।

भरत तिवारी की मां आशा देवी द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में पुलिस टीम पर बेहद गंभीर इल्जाम लगाए गए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि पुलिस ने भरत तिवारी को पहले जमीन पर गिराकर तीन गोलियां मारीं और फिर वाहन में बैठाने के बाद दो और गोलियां दागीं। परिजनों का आरोप है कि गोलीबारी के दौरान अमानवीय बर्बरता की गई और शरीर के संवेदनशील हिस्सों को भी निशाना बनाया गया। इन आरोपों ने पूरे मामले को और अधिक संगीन बना दिया है।मामले की गंभीरता को देखते हुए कथित एनकाउंटर में शामिल पुलिस टीम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। कई पुलिसकर्मियों को निलंबित और लाइन हाजिर किया गया है। एनकाउंटर के समय क्षेत्र के एसडीपीओ रहे राजेश शर्मा को पहले लाइन हाजिर किया गया और बाद में पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया। उनकी जगह पंकज कुमार मिश्रा को जगदीशपुर का नया डीएसपी बनाकर भेजा गया है।

घटना के बाद सामने आए वीडियो फुटेज ने भी कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली कटघरे में आ गई है और यही वजह है कि मामला अब मानवाधिकार, न्यायिक जांच और राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है, जबकि मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है।

बढ़ते जनदबाव के बीच राज्य सरकार ने पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग का गठन कर जांच का आदेश दिया है। हालांकि पीड़ित परिवार ने इस जांच पर पूर्ण भरोसा जताने से इनकार किया है और दोषी पुलिस अधिकारियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग दोहराई है।

इसी मांग को लेकर भोजपुर के बिलौटी गांव में बुधवार को आयोजित विशाल महापंचायत में हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से भी लोगों के पहुंचने का दावा किया गया। महापंचायत में न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी हुई।

महापंचायत का सबसे भावुक दृश्य तब सामने आया जब भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे। बेटे को याद कर वे फफक पड़े और मंच पर ही रोने लगे। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला, पानी पिलाया और इंसाफ की लड़ाई जारी रखने का भरोसा दिलाया।अब यह मामला सिर्फ एक कथित एनकाउंटर की जांच तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस की कार्रवाई, न्यायिक जांच, राजनीतिक दबाव और जनता के आक्रोश के बीच पूरा प्रदेश इस सवाल का जवाब तलाश रहा है कि भरत तिवारी की मौत के पीछे आखिर सच्चाई क्या है और दोषियों तक कानून का हाथ कब पहुंचेगा।