भाई की हत्या का इंसाफ, कोर्ट ने दोषी को सुनाई आजीवन कारावास की सजा
भोजपुर जिले की अदालत ने पीरो थाना क्षेत्र में हुई धर्मेंद्र पासवान की हत्या के मामले में अभियुक्त को उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
Arrah - भोजपुर जिला व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने हत्या के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायालय ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा देते हुए भारी अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला वर्ष 2021 का है, जिसमें न्याय की लंबी प्रतीक्षा के बाद आज पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना पीरो थाना कांड संख्या 169/2021 से जुड़ी है। मामले के सूचक शिवमुनि पासवान के अनुसार, उनके भाई धर्मेंद्र पासवान जब शौच के लिए बलुआ टोला बाहा पुल के पास गए थे, तभी अभियुक्त ने उन्हें गोली मार दी थी। गंभीर हालत में धर्मेंद्र को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस मामले में अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) अत्याचार अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अदालत का कड़ा रुख और जुर्माना

तकरीबन 5 साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद, अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया।
आजीवन कारावास: हत्या की धारा में अभियुक्त को ताउम्र जेल की सजा सुनाई गई।
अर्थदंड: दोषी पर 1,00,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में 6 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
आर्म्स एक्ट: शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत अलग से 3 साल की सजा और 2000 रुपये का जुर्माना सुनाया गया है।
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लोक अभियोजक का बयान
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SC/ST अत्याचार अधिनियम के विशेष लोक अभियोजक सत्येंद्र सिंह दारा ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में इस मामले का स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित किया गया। सूचक की गवाही और पुख्ता सबूतों के आधार पर माननीय न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश देगा कि जघन्य अपराधों में संलिप्त लोगों को कानून किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगा।
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report - ashish srivastav