Bihar exam cheating:कदाचार मुक्त परीक्षा के दावे फेल, यूजी एग्जाम में धड़ल्ले से हो रहा नकल, मोबाइल और गैस पेपर का इस्तेमाल का हुआ बड़ा खुलासा

Bihar exam cheating: विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर हजारों परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और नकल-मुक्त माहौल में हो रही है। मगर हकीकत इन दावों को...

Bhojpur VKSU Exam Scam Mobile Cheating Reported During UG Ex
परीक्षा हॉल में खुली नकल- फोटो : reporter

Bihar exam cheating: शिक्षा  के द्वारा अक्सर कागज़ों पर कदाचार मुक्त परीक्षा का तमगा पहनाकर ढका जाता है। लेकिन वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के यूजी सेमेस्टर-4 की परीक्षा में जो नज़ारा सामने आया, उसने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। आरा शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर हजारों परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और नकल-मुक्त माहौल में हो रही है। मगर हकीकत इन दावों को मुंह चिढ़ाती नजर आ रही है जहां परीक्षा कक्ष में ज्ञान नहीं, बल्कि मोबाइल और गैस पेपर का राज चलता दिखा।

जो छात्र देश का भविष्य गढ़ने के लिए परीक्षा दे रहे हैं, वही छात्र डिजिटल शॉर्टकट अपनाकर सिस्टम को ही परीक्षा दे रहे हैं। कहीं मोबाइल से उत्तर खोजे जा रहे हैं, तो कहीं गैस पेपर को छुपाकर ज्ञान का जुगाड़ किया जा रहा है। ऐसा लगता है मानो परीक्षा नहीं, बल्कि खुलेआम नकल महोत्सव चल रहा हो।

दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा में कई केंद्रों पर परीक्षार्थी बेखौफ होकर नकल करते नजर आए। न कोई डर, न कोई रोक-टोक बस आत्मविश्वास इतना कि जैसे परीक्षा नहीं, कोई ओपन बुक इवेंट चल रहा हो। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब परीक्षा केंद्रों पर सख्ती के दावे होते हैं, तब ये मोबाइल आखिर भीतर पहुंचते कैसे हैं? और अगर पहुंचते हैं, तो जांच व्यवस्था किस अदृश्य शक्ति के भरोसे चल रही है?

इस पूरे मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी भी कम संदिग्ध नहीं लगती। अधिकारी या तो जवाब देने से बचते नजर आए या फिर जांच की जाएगी वाला पुराना राग अलापते दिखे। विडंबना यह है कि जिन छात्रों के कंधों पर समाज और भविष्य की जिम्मेदारी है, वही परीक्षा में कॉपी-पेस्ट संस्कृति को बढ़ावा देते नजर आ रहे हैं। ऐसे में सवाल सिर्फ नकल का नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का है।

आरा की यह तस्वीर साफ कहती है यहां परीक्षा ज्ञान की नहीं, बल्कि जुगाड़ और तकनीकी तिकड़म की हो रही है। और जब सिस्टम ही आंख मूंद ले, तो नकल सिर्फ अपराध नहीं रहती… बल्कि एक साइलेंट नॉर्मल बन जाती है।

रिपोर्ट- आशीष कुमार